एबीएन बिजनेस डेस्क। चाय उत्पादकों के निकाय भारतीय चाय संघ ने कहा है कि उत्तरी बंगाल का चाय उद्योग गंभीर संकट से गुजर रहा है और क्षेत्र में कई बागान बंद हो गये हैं। टीएआई के महासचिव पी के भट्टाचार्य ने कहा कि अक्टूबर, 2023 में उत्तरी बंगाल में 13-14 चाय बागान बंद हो गये जिससे 11,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए।
जानकारों का कहना है कि चाय बागान बंद होने से चाय का उत्पादन प्रभावित होगा, जिससे आने वाले दिनों में चायपत्ती के दाम बढ़ेंगे। ठंड में वैसे भी चायपत्ती की अधिक खपत होती है, जिससे कीमत में तेजी आ जाती है।
टी एसोसिएशन आफ इंडिया ने कहा कि इस साल अप्रैल में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा घोषित अंतरिम मजदूरी में बढ़ोतरी के कारण संगठित और छोटे चाय कारखानों (बीएलएफ) सहित लगभग 300 बागानों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों में सालाना लगभग 40 करोड़ किलोग्राम चाय का उत्पादन होता है। भट्टाचार्य के अनुसार, उत्तर बंगाल में लगभग 300 चाय बागान हैं, जिनमें से 15 बंद हैं।
टी एसोसिएशन आफ इंडिया ने कहा कि उद्योग को उर्वरक, कोयला और रसायनों से लेकर उत्पादन लागत में अचानक वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है, जबकि नीलामी में कीमत बहुत कम मिल रही है। संघ ने यह भी कहा कि वित्तीय संकट को कम करने में मदद करने के लिए उद्योग ने पहले ही पश्चिम बंगाल सरकार के साथ बातचीत की है।
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