टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। कोडरमा प्रखंड के डैश संस्थान में बच्चों में जीवन कौशल विकास को लेकर तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में अध्यननरत छात्र छात्राओं के मनोभाव को समझकर उसके अनुरूप पढ़ने का गुर की जानकारी उपस्थित शिक्षकों को दी गयी। इस तरह का प्रशिक्षण जिले में पहली बार आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वर्ग कक्षा के दौरान छात्रों के रुचि को समझते हुए सुगमता से उसके अनुरूप उन्हे ढालना है। प्रशिक्षणोपरांत प्रशिक्षित शिक्षक छात्रों की रुचि के अनुरूप शिक्षा दिलाने के हेतु अभिभावकों को प्रेरित करेंगे और इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को देंगे।
किशोर और किशोरियों के मन में उठ रहे संवेदनाओं के प्रति शिक्षकों को सजग रहने तथा उनके निदान ढूंढ़ने के गुर भी सिखाये गये। पुरुष प्रधान देश में फैली गलत भ्रांति को दूर करते हुए लैंगिक समानता लाने में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होगा, प्रशिक्षण में कहा गया जहां भारी कार्यों एवं सुगम कार्यों के बीच पुरुष और महिला के कार्यों की संज्ञा दी जाती है उस कुंठा को तोड़ते हुए छात्र और छात्राओं के बीच समानता का अधिकार देते हुए हर क्षेत्र में छात्राओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने को उपस्थित शिक्षकों को बताया गया।
ठीक दूसरी तरफ शिक्षकों को किशोर छात्र छात्राओं के समाज में फैले विज्ञापन से आकर्षित होकर अपने जीवनशैली को प्रभावित कर रहे है ऐसे में उन्हें दिखावटी जीवन से हटकर अपने स्वाभाविक जीवन शैली में अग्रसर करने के साथ ही अन्य लोग जैसे गोरा काला, नाटा लंबा, आकार प्रकार से प्रभावित होकर चिढ़ाना या उनकी उपेक्षा करने आदि मिथक से ऊपर उठकर एक स्वस्थ जीवनशैली का बच्चों में शिक्षक निर्माण करें।
प्रशिक्षण का फीडबैक अच्छा मिला इस प्रशिक्षण को दो समूह में बांटा गया, जिसमें 32 और 61 शिक्षकों ने तीन तीन दिन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान नयी शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों को ढालने के कोशिश की गयी।
शिक्षा विभाग के प्राप्त निर्देश के बाद छात्रों के रुचि के अनुरूप उन्हें विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। छात्र अपने रुचि के अनुरूप उच्च शिक्षा में अपना नामांकन करा सकेंगे। ऐसा होने पर अभिभावकों का दबाव कम होगा। स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम को भी इसमें शामिल किया जायेगा। विशेषज्ञ की भूमिका में पूर्व छात्रों को भी शामिल किया जायेगा।
मास्टर ट्रेनर सुधा शर्मा एवं मिथिलेश कुमार शर्मा ने बताया की प्रशिक्षण प्राप्त सभी शिक्षकों के लिए यह प्रशिक्षण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नए और पुराने शिक्षकों के लिए नयी शिक्षा नीति को आत्मसात करने के लिए यह प्रशिक्षण कारगर साबित होगा।
मौके पर कस्तूरबा विद्यालय की बेबी कुमारी, शीला कुमारी, गुंजन कुमारी, प्रशिक्षा मिंज, विनिता घोषले, शकुंतला कुमारी, वीणा सिंह, रूणु कुमारी, रिंकी कुमारी, गुंजन कुमारी, शशि पंडित, नारायण रजक, राम कुमार, विनोद यादव, शशि भूषण पंडित, रामप्रवेश राम तथा जितेंद्र कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद हुए।
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