टीम एबीएन, लोहरदगा। जिले के कैरो एवं कुडू प्रखंड के इक्कीस प्रवासी मजदूर को बंगाल के नवीनगर चमातोला कलीयाचक मालदा बंगाल निवासी मजदूरों का ठेकेदार सेताबुद्दीन अहमद पिता शेराज्जूद्धीन अहमदम गुजरात के कक्ष में अडानी कंपनी में 2सितंबर से 27 सितंबर तक एवं महाराष्ट्र के 28 सितंबर से 15 अक्टूबर तक कोल्हापुर केरली काम किया।
12 घंटे की 900 रू राशि कंपनी और ठेकेदार की सहमति से तय हुए। जिसकी राशि 21 मजदूरों 6,24000 हुए जिसकी भुगतान नहीं की गई। मजदूर के द्वारा बार-बार पैसे मांगने पर भी कई प्रकार के बहाने ठेकेदार ने बनाया। मजदूरों से कंपनी के पूछे जाने पर बताया कि ठेकेदार मजदूरों के नाम पैसा उठा लिया है।
जिसके पश्चात हो मजदूरों ने किसी प्रकार से अपनी घर वापसी के लिए पैसे इकट्ठे कियेऔर वह वापस घर पहुंचे। घर पहुंचने के बाद भाजपा अनुसूचित जनजातीय मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बजरंग उरांव से अपनी पीड़ा को बताया। तब बजरंग उरांव के नेतृत्व में जिला श्रमिक अधीक्षक दिनेश भगत से मिलकर लिखित आवेदन देकर कार्रवाई और मजदूरी राशि दिलाने की मांग की।
बजरंग ने कहा कि झारखंड प्रवासी मजदूरों के साथ होने वाले घटना हेमंत सरकार के सत्ता में आने के बाद आम हो गया है। क्योंकि अन्य राज्यों के कंपनियों और ठेकेदार को पता झारखंड में रोजगार रहा नहीं। किसान भी मजबूर है। वह मजबूरी में हमारे कार्य ही करेंगे, चाहे शोषण ही क्यों न हो।
परंतु हमारा झारखंड की सरकार चेंज की नींद सो रही है उन्हें शुरू से ही झारखंड के गरीब किसान अनुसूचित जाति, जनजाति से कोई खास दिलचस्पी नहीं रही है। सभी जगह केवल शोषण हो रहा है। लोगों की सुरक्षा स्वयं की जिम्मेवारी बन चुकी है।
आज झारखंड में प्रतिदिन हजारों हजार की संख्या राज्य से बाहर जा रहे हैं। उसमें हमारे लोहरदगा से भारी संख्या जा रही है। परंतु राज्य की पूरी सिस्टम भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के आगे कुछ देख नहीं पा रहा है। हम गरीब इर्द गिर्द भाग रहे हैं जिसके फल स्वरूप शोषण का शिकार हो रहे है।
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