एबीएन न्यूज नेटवर्क, साहिबगंज। झारखंड में डायरिया ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। गुमला के बाद अब साहिबगंज में भी बीमारी कहर बरपाने लगी है। जहां जिले में डायरिया ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और महज 48 घंटे के अंदर 70 नए मरीज मिलने से हड़कंप मच गया।
वहीं, अब तक डायरिया से 3 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही 10-15 मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है। बीमारी से बरहेट में तीन पहाड़िया समुदाय के लोगों की मौत से इलाका गमगीन हो गया है, तो वहीं मंडरो प्रखंड का मोतीझील गांव भी पूरी तरह से डायरिया की चपेट में आ चुका है।
साहिबगंज में हर साल डायरिया का प्रकोप ग्रामीण झेलते हैं। बात करें डायरिया प्रभावित गांव केटका टोली और मोतीझील की तो साफ पानी का कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में ग्रामीण झरने या तालाब का पानी पीने को मजबूर होते हैं। इसी गंदे पानी की वजह से लोग डायरिया और ना जाने कितनी खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
क्षेत्र की बदहाली को देख हैरानी इसलिए भी होती है क्योंकि बरहेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं। बावजूद यहां के ग्रामीणों को साफ पानी तक नसीब ना होना सरकार और प्रशासन के दावों की पोल खोलता है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse