टीम एबीएन, रांची। संकट मोचन हनुमान मंदिर के संचालक श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर सूर्य नारायण दास त्यागी बाबा ने न्यास बोर्ड की नयी कमेटी का विरोध किया। इन्होंने कहा कि पहले कोई कमेटी नहीं थी। 1974 से मैं सेवा कर रहा हूं।
1987 में गुरुजी का शरीर छूटने के बाद से मैं मंदिर का संचालन कर रहा हूं। फिर किस कमेटी को भंग करके नयी कमेटी गठित की गयी। मंदिर में चाहे कोरोना हो या पथराव, सरकार के कोई भी लोग देखने नहीं आये। ये मंदिर समाज का है।
मंदिर को सरकार अपने नियंत्रण में लेना चाह रही है, जो कि गलत है। जिस प्रकार अन्य धर्म के धर्मस्थल को स्वतंत्रता प्राप्त है, उसी प्रकार भारत के सभी मंदिर-मठ को आजादी मिलनी चाहिए। इस सरकार का रवैया सनातन के प्रति ठीक नहीं है।
सरकार को हम सूचित करना चाहते हैं कि इस प्रकार का सनातन के प्रति रवैया ठीक नहीं है। सरकार सनातनियों को बार-बार तंग नहीं करे। कुछ लोग सनातन को मिटाने का षडयंत्र कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के बजाय मंदिर और सनातन संस्कृति के प्रति आघात सरकार कर रही है। महंत श्री श्री 1008 सूर्य नारायण दास त्यागी जी ने न्यास समिति का विरोध जताया।
कहा कि कौन न्यास समिति है? मंदिर में अभी तक न्यास समिति के सदस्य नहीं आये तथा इस मंदिर का संचालन निर्मोही अखाड़ा अयोध्या के साधु संत समाज शुरू से करते आ रहे हैं और आगे भी निर्मोही अखाड़ा के माध्यम से मंदिर संचालित होगा।
मौके पर संत शिरोमणि, हिंदू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष सुजीत सिंह, महावीर मंडल के अध्यक्ष कुणाल आजमानी, महामंत्री मुनचुन राय, पुजारी श्यामानंद पाण्डेय, अभिषेक पाठक, समाजसेवी अमृत रमण, अमित कुमार, निशांत यादव, नमन भारतीय तथा सैकड़ों लोग शामिल थे, जिन्होंने इस न्यास समिति के प्रति विरोध जताया।
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