टीम एबीएन, कोडरमा। कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर झुमरी तिलैया में हिंदी दिवस वंदना सभा में दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पार्चन के साथ प्रारंभ हुआ। भैया बहनों के बीच वक्तव्य देते हुए आचार्य प्रदीप कुमार ने कहा कि आज ही के दिन 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था।
तब से लेकर आज तक हिंदी की विकास यात्रा में कई अहम कार्य हुए हैं। वर्तमान समय में सड़क से लेकर संसद तक की भाषा के रूप में हिंदी ने अपने आप को स्थापित किया है। जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और असम से लेकर गुजरात तक हिंदी का प्रभाव देखा जा सकता है।
इसे इस रूप में भी समझा जा सकता है की बॉलीवुड में बनने वाली हिंदी फिल्में पूरे भारत में देखी जाती है और सभी उसकी प्रशंसा भी करते हैं। हिंदी दिवस मनाने के पीछे यह उद्देश्य निहित है की हिंदी की विकास यात्रा को हम और गति दें और तब तक नहीं रुके जब तक इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त न हो जाए।
साथ ही विद्यालय के प्राचार्य शर्मेंद्र कुमार साहू ने कहा की हिंदी हमारी मातृभाषा है और भाषा के रूप में हमारे मन मस्तिष्क में हिंदी का स्थान सर्वोपरि है। आज हिंदी दिवस मनाने की सार्थकता तब होगी जब हम सच्चे मन से हिंदी के विकास के लिए कार्य करें।
इस अवसर पर विद्या विकास समिति के तत्वावधान में विद्यालय में निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें विद्यालय के भैया बहनों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया एवं निबंध लिखें।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के आचार्य मनोज कुमार सिंह, नीरज कुमार, वीरेंद्र मिश्र, वीरेंद्र प्रसाद, संजय कुमार महतो, दीपक कुमार विश्वकर्मा, उमाशंकर कुमार, मुन्ना सिंह, कुमार मुरलीधर, पवन शर्मा, सुनील कुमार, धीरज पांडे, बिपिन डे, प्रणव प्रभास, प्रभात सौरव, संजय सिंह, श्वेता श्रीवास्तव, शर्मिष्ठा शाहा, सोनी कुमारी, अर्चना सिन्हा, चंद्रकावेरी निहाल, रिमझिम कुमारी, मोनिका कुमारी आदि की सहभागिता रही।
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