टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बारिश की कमी बीते शुक्रवार को बढ़कर 38 प्रतिशत हो गयी, क्योंकि राज्य में मानसून कमजोर हो गया है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि राज्य में एक जून से एक सितंबर तक 504.1 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई, जो इस अवधि के दौरान होने वाली सामान्य वर्षा 807.1 मिमी से काफी कम है। मौसम अधिकारी ने चिंता जतायी कि अगर सितंबर में अच्छी बारिश नहीं होती है, तो झारखंड में इस साल दशक की सबसे कम बारिश दर्ज की जायेगी। सितंबर, मानसून का अंतिम महीना है।
रांची मौसम केंद्र के प्रभारी अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड में 2017 में सबसे कम 720 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इस आंकड़े को छूने के लिए राज्य को सितंबर में 200 मिमी से ज्यादा बारिश की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।
उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों में बारिश की संभावना काफी कम है। उन्होंने कहा कि मानसून गतिविधियां तीन सितंबर से बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन भारी बारिश की संभावना बहुत कम है। झारखंड के छह जिलों में हालात बहुत बुरे हैं, जहां बारिश की कमी 50 फीसदी से अधिक दर्ज की गयी है। चतरा में 64 फीसदी की कमी, हजारीबाग में 54 फीसदी, गिरिडीह में 51 फीसदी, गुमला में 52 फीसदी, कोडरमा में 51 फीसदी और लातेहार में 52 फीसदी बारिश कम हुई है।
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