आदिवासी संगठनों ने घेरा भाजपा कार्यालय

 

टीम एबीएन, रांची। मध्य प्रदेश में एक आदिवासी समुदाय के शख्स के साथ की गयी बदतमीजी के मामले में आज झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी संगठनों ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया। साथ ही भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। घेराव के दौरान भारी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग मौजूद रहे। 

वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मध्य प्रदेश में जो घटना सामने आयी उसमें सरकार ने कार्रवाई की। पीड़ित को मुआवजा दिया। सीएम ने उनका सम्मान किया और माफी भी मांगी। लेकिन झारखंड की हेमंत सरकार आदिवासियों की विरोधी है।  

बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर कुछ मामलों को उठाते हुए हेमंत सरकार पर हमला भी बोला। साथ ही भाजपा कार्यालय का घेराव करने वाले आदिवासी संगठनों पर भी तंज कसा। बाबूलाल ने लिखा- मजाल है कि ये लोग रुबिका पहाड़िया की नृशंस हत्या पर किसी कार्यालय का घेराव करें? 

मजाल है कि राजपरिवार के चमचे लोग दारोगा रूपा तिर्की की मौत के बाद भी उसकी इज्जत पर कीचड़ उछालने वाले डीएसपी प्रमोद मिश्रा पर कार्रवाई के लिए आवाज उठायें? चाईबासा में पांच-पांच आदिवासियों की हत्या पर इनके मुंह में दही जम गया था? गो-तस्करों ने  संध्या तोपनो को इसी रांची के सिंह मोड़ में कुचलकर मार डाला, तब इनका आदिवासी प्रेम कहां शांत पड़ा था?

भाजपा विधायक दल के नेता ने आगे लिखा- आज मध्य प्रदेश की जिस घटना को लेकर ये घेराव करने उतरे हैं, उसपर तो वहां की सरकार ने कार्रवाई भी की और पीड़ित को मुआवजा और सम्मान भी दिया। यहां तो आदिवासियों की रेप और हत्या के बाद इंसाफ तक नहीं मिलता। मालिक के इशारे पर हल्ला-हंगामा करने वाले फर्जी आदिवासियों को जनता पहचानती है। जमीन दलाल कब से आदिवासियों के हितैषी हो गये? 

एमपी के सीएम शिवराज ने पीड़ित से मांगी थी माफी, पैर भी धोया था

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में हैवानियत का शिकार बने आदिवासी युवक दशमत के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पैर धोये और माफी भी मांगी। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दरिद्र ही मेरे नारायण हैं। दरअसल, बीते दिनों आदिवासी युवक पर खुले आम पेशाब करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

इस मामले के आरोपी कथित भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर एनएसए की कार्रवाई करते हुए मकान पर बुलडोजर भी चला दिया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना के सामने आने के बाद अपनी भावनाओं को न केवल व्यक्त किया था। आरोपी पर सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिया था।

इसी क्रम में दशमत गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री ने उससे बातचीत की, उसके पैर धोये और माफी भी मांगी। इतना ही नहीं बाद में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दशमत का सम्मान भी किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने दशमत की पत्नी से भी फोन पर बात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि मेरे लिए दरिद्र ही नारायण हैं और जनता ही भगवान है। जनता की सेवा हमारे लिए भगवान की पूजा है और हम यह मानते हैं कि हर इंसान में ही भगवान निवास करता है। भाई दशमत के साथ अन्याय हुआ। मेरा मन दर्द, पीड़ा और व्यथा से भर गया। मैंने दशमत को यहां बुलाया, क्योंकि मन गहरी वेदना से भरा हुआ था। 

मन में बहुत तकलीफ थी कि एक बहुत अमानवीय घटना हमारे भाई के साथ घटी। मैं व्यथित था। मैं अंतरात्मा से मानता हूं, गरीब ही हमारे लिए पूज्य हैं और उसका अपमान मतलब हम सबका अपमान है। शिवराज सिंह ने आगे कहा कि मन की व्यथा और पीड़ा कम करने के लिए मैंने आज दशमत को यहां बुलाया। 

मैंने दशमत के पैर धोये, पानी माथे से लगाया। ताकि मेरी व्यथा और दर्द कम हो सके। मन में जो पीड़ा थी, उस पीड़ा को मैं कम कर सकूं। जिसने अन्याय किया, उसे कड़ी सजा मिली। जो अपराध करता है, अन्याय करता है, उसका कोई धर्म नहीं होता, कोई जाति नहीं होती, कोई पार्टी नहीं होती। जिसने अन्याय किया, उसको कड़ी सजा और जिसके साथ अन्याय हुआ, उसको कलेजे से लगाकर, उसकी पीड़ा भी कम करने की कोशिश की है।

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