टीम एबीएन, रांची। सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के आलोक में एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग में किशोर छात्राध्यापक नेतृत्व कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत कक्षा एकादश की अभीप्सा हाजरा तथा टीशा सिंह ने अष्टम कक्षा के किशोर विद्यार्थियों के साथ पीपीटी के माध्यम से स्वास्थ्य-कल्याण तथा लिंग संवेदनशीलता के संबंध में उपयोगी जानकारी साझा किया।
उन्होंने बताया कि किशोर अवस्था में विद्यार्थी अनेक प्रकार के शारीरिक बदलावों से गुजरते हैं, जिनका प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। ऐसी अवस्था में विद्यार्थियों को परिवर्तनों को सकारात्मक रूप में स्वीकार करने की आवश्यकता है। कोई भी परेशानी हो, तो अपने माता-पिता, शिक्षिका या बड़े भाई-बहनों से भी मदद ली जा सकती है।
आधुनिक युग में हमारा विकास एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में होना चाहिए। इस संदर्भ में लिंग भेद को आड़े नहीं आने देना चाहिए। लड़का या लड़की दोनों को ही जिम्मेदारी के साथ अपना काम करना चाहिए। समाज के लिए उपयोगी बनने की कोशिश करनी चाहिए। अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
प्राचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने छात्राध्यापकों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुति विषयानुकूल रही। इस प्रकार के कार्यक्रम किशोर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकते हैं। किशोरावस्था में बच्चों को अनेक प्रकार की शारीरिक तथा मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
चूंकि कुछ वरिष्ठ विद्यार्थी उन परिस्थितियों का सामना कर चुके होते हैं, इसलिए वे कनिष्ठ विद्यार्थियों का बेहतर मार्गदर्शन कर सकते हैं। विद्यार्थी एक दूसरे के साथ अपना अनुभव साझा करके एक-दूसरे को लाभ पहुंचा सकते हैं। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका इंदु प्रसाद तथा स्मृति सिंह ने अपना योगदान दिया।
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