मंत्रोच्चारण के साथ हुआ ऐतिहासिक श्रावणी मेले का शुभारंभ

 

  • उद्घाटन कर मंत्री ने झारखंड की सुख-समृद्धि की कामना की 
  • बाबनगरी शिव भक्तों के स्वागत को लेकर पूरी तरह तैयार 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक राजकीय श्रावणी मेला का मंत्रोच्चारण के साथ सोमवार को शुभारंभ हो गया। मंगलवार से श्रावण मास शुरू हो रहा है। भारत समेत नेपाल और भूटान तक से श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए देवघर आते हैं। 

सोमवार को देवघर और बिहार के बांका जिले की सीमा पर स्थित दुम्मा में झारखंड के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मंत्री बादल पत्रलेख ने मेले का उद्घाटन किया। मेला का विधि-विधान पूर्वक शुभारंभ कराने के लिए 11 वैदिक पुरोहितों द्वारा बाबा बैद्यनाथ की पूजा की गयी। 

मंदिर में पूजा-अर्चना कर झारखंड की खुशहाली की कामना की गयी। मंत्री ने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन की अगुवाई में हम सभी मिलकर बाबा के भक्तों का स्वागत करेंगे। देवघर अपने भव्य स्वरूप के साथ बाबाधाम आने वाले सभी कांवरियों के अभिनंदन के लिए तैयार है। 

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को और भव्य बनाने के लिए सरकार काम कर रही है। इस साल ज्यादा भक्तों के आने की संभावना है। उसी के अनुरूप प्रशासन की तैयारी भी होनी चाहिए। मंत्री से अधिकारियों से कहा कि भक्तोें को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

इसके साथ ही श्रावणी मेले को को लेकर रांची स्थित पहाड़ी मंदिर समेत राज्य के तमाम शिवालयों में सभी तैयारी पूरी कर ली गयी है। 

मलमास के कारण दो महीने चलेगा मेला 

इस वर्ष मलमास को लेकर दो महीने तक सावन होगा। इस दौरान दो बार 15-15 दिनों के लिए मेले का आयोजन किया गया है। बीच में पड़ने वाले मलमास के महीने में मेला का आयोजन नहीं होगा। इसकी तैयारी जिला प्रशासन ने पूरी कर ली है। सोमवार को गुरु पूर्णिमा होने के कारण मंदिर प्रांगण में भी कांवरियों की भारी भीड़ रही।   

सोमवार को स्पर्श पूजा का अंतिम दिन था 

सावन माह में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार भी स्पर्श पूजा को बंद करवाकर जलार्पण के लिए अरघा की व्यवस्था की गयी है। सोमवार को स्पर्श पूजा का अंतिम दिन है। कांवरिया पथ पर भी कांवरियों का पहुंचना शुरू हो चुका है। भारी बारिश के बाद भी लगी लंबी कतार देखने को मिल रही है। 

कुल मिलाकर अब बाबा नगरी बोलबम के नारों से गुंजायमान हो रही है। बाबा बैद्यनाथ के मंदिर में वीआईपी, वीवीआईपी और आउट आफ टर्न दर्शन पर पूरी तरह से रोक लग गयी है। मंत्री बादल पत्रलेख ने बाबा वैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश मार्ग और निकास, सुरक्षा व्यवस्था, पूजा-अर्चना करने की व्यवस्था सहित अन्य स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने देवघर जिला प्रशासन और सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को हरेक दिन की व्यवस्था पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। 

कार्यक्रम को पर्यटन मंत्री के प्रतिनिधि संजय शर्मा, बीस सूत्री उपाध्यक्ष मुन्नम संजय, पूर्व मंत्री सुरेश पासवान एवं धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक ने भी संबोधित किया। कांवरिया पथ पर गंगा नदी की बालू बिछायी गयी है, ताकि श्रद्धालुओं को चलने में असुविधा न हो।

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