एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय कैबिनेट ने तीनों कृषि कानूनों को वापस करने वाले बिल को मंजूरी दी है। सरकार की ओर से कहा गया कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में उसकी प्राथमिकता होगी। कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को भी मार्च 2022 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कोरोना काल में गरीबों को हर महीने सस्ते दामों पर अनाज इस योजना के तहत दिया जाता है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना नवंबर माह तक थी और कई राज्यों की ओर से इसे बढ़ाने की मांग की जा रही थी। ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने भी इस मसले पर पीएम मोदी को लेटर लिखा था। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से प्रारंभ हो रहा है। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिमंडल ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रकाश पर्व के मौके पर देश के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान करके हर किसी को चौंका दिया था। हालांकि, पीएम की ओर से कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के ऐलान के बावजूद किसान फिलहाल अपने आंदोलन को खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। लखनऊ में हुई किसान महापंचायत में किसानों ने कहा कि खेती के काले कानून वापस करना ही काफी नहीं है, जब तक एमएसपी गारंटी कानून नहीं बनता और पहले से तैयार किसान विरोधी विधेयक रद्द नहीं किए जाते तब तक उनका आंदोलन चलता रहेगा।
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