एबीएन सोशल डेस्क। हम अपने जीवन मे न जाने कितनी बार बड़ों के द्वारा समझाये गये हैं कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, ये सब बात सुनकर ही हम बड़े हुए हैं की मुंह का कैंसर फेफड़ा आदि को कितना नुकसान पहुंचता है इसके बावजूद अक्सर दुकानों या ज्यादातर पान की गुमटियों मे लोग या तो ऑफिस की कच- कच पर चर्चा या फिर देश में घटित घटना की चिंता कर रहे होते हैं।
बात यही नहीं खत्म होती है। वह जो कई लोग ऐसे भी होते हैं कि अपनी बुद्धि को घोड़े जैसी चाल करवाने की बात सोचकर अक्सर सहारा लेने का प्रयास करते हैं, इसमें युवा भी जोशीले नजर आते हैं। आप सोच रहे होंगे कि बात को घुमा फिरा कर कहना क्या है, तो इन सब में कॉमन एक बात यह है कि हाथ में सिगरेट अक्सर होता है जो चाय के प्याले के साथ हो भी सकता है या नहीं भी, जो बिल्कुल सामान्य सा लगता है खास कर के अभी के जमाने में युवा पीढ़ी को।
साफ शब्दों में यूं कहें तो फिल्मी हीरो जैसा फीलिंग आती है,वह स्टाइल आए भी क्यों न क्योंकि फिल्मों में एक्टर्स एक्ट्रेस भी सिगरेट पीते हुए नजर आते हैं भले यह बात अलग है कि स्क्रीन के बॉटम में फिल्मी पॉलिसी के अनुसार लिख दिया जाता है धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और यह पॉलिसी छोड़िये उन पैकेट में जो मुंह का कैंसर वाला फोटो डराने के लिए लगवाया रहता है।
पर मुझे नहीं लगता कि उससे लोगों के मन में घृणा पैदा होती है, ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि कंपनियों की उत्पादन क्षमता कभी घटती हुई नजर नहीं आती है, जिसे आप स्वयं या फिर दिमाग की क्रिएटिविटी बढ़ाने के लिए या फिर गम भुलाने के लिए सिगरेट का कश लगाते हैं। आप तो अपना स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ तो कर ही रहे हैं आस पास वाले को भी बिना सिगरेट का कश लगाये उतना ही असर करता है जितना पीने वाले को करता है, इसके अलावे एक खास बात की सिगरेट का आखरी हिस्सा जो अक्सर पीले रंग से मार्क रहता है जो सिगरेट बट कहलाता है उसे आप धरती पर यूं फेक देते हैं, कुछ तो उसमें आग बुझाने के लिए पैरों तले रौंदने में भी स्वैग फील करते हैं।
लेकिन शोधकर्ताओं के आईने में जब आप झाकेंगे तो सच्चाई यह है कि आपको जो स्टाइल लग रहा है। वही सिगरेट बट धरती पर प्रदूषण और वातावरण को खराब करने की सबसे बड़ी वजह में से एक है। इस बट में प्लास्टिक होता है जो कभी गलता नहीं है, सिगरेट के बट माइक्रोप्लास्टिक से जुड़े प्रदूषण की एक बड़ी वजह बनते हैं।
विश्व स्वास्थ संगठन के मुताबिक तंबाकू उत्पादों से जुड़े कचरे में करीब 7000 तरह के जहरीले रसायन मौजूद होते हैं। सिगरेट बट को बनाने वाले अहम पदार्थ सैलूलोज, एसिटेट पेपर और रेयान के साथ मिलकर पानी और जमीन को प्रदूषित करते हैं। अमेरिका के एक एनजीओ ट्रुथ इनिशिएटिव के रिपोर्ट के मुताबिक एक सिगरेट बट से जितना जहर निकलता है वह ताजे पानी और नमकीन पानी की 50 प्रतिशत मछलियों को मार सकता है।
हालांकि सिगरेट बट से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने भी कोई खास कदम नहीं उठाये हैं। इसलिए सरकार को इस पर मंथन करना होगा। रहा बात सामान्य नागरिकों के लिए तो अधिकांश लोगों को सिगरेट बट के बारे में बहुत कम जानकारी है ज्यादातर लोगों को लगता है कि सिगरेट वह भाग केवल कॉटन यानी कपास से बनते हैं और यह बायोडिग्रेडेबल है पर कोई यह नहीं जानता कि यह उनका सिर्फ अंदेशा को पक्का मान जाने की वजह से हमारे पर्यावरण पर कितना नुकसान हो रहा है।
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