टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने लैम्स, पैक्स और स्वयं सहायता समूहों की सहभागिता सुनिश्चित कर बीज वितरण अभियान को सफल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। कृषि मंत्री बादल पत्रलेख की अध्यक्षता में यहां संताल परगना प्रमंडलीय स्तरीय कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, पशुपालन विभाग एवं मत्स्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में बीज उठाव एवं वितरण, मिलेट मिशन, कृषि ऋण माफी योजना, सुखाड़ राहत योजना, कृषि आधारभूत संरचना, किसान पाठशाला के लिए जमीन चिह्नित करने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।
इसी क्रम में कृषि मंत्री ने कहा कि ससमय बीज का उठाव कर किसानों के बीच वितरण करने तथा इसमें लेम्स, पैक्स, स्वयं सहायता समूह की सहभागिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे योग्य एवं सही किसानों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने इसके लिए पूरी पारदर्शिता के साथ बीज का वितरण करने को लेकर अधिकारियों को ससमय किसानों को बीज उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया। पत्रलेख ने कहा कि कृषि और सहकारिता विभाग के पदाधिकारी समन्वय बनाकर कार्य करें।
उन्होंने संताल परगना प्रमंडल क्षेत्र में बीज वितरण अभियान पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने इस अभियान में पंचायत स्तर पर मुखिया एवं ग्राम प्रधान को भी शामिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि मिलेट मिशन के तहत 5 से 10 जून के बीच मड़ुआ का बीज वितरण किया जाएगा।
इसके लिए ससमय किसानों को चिन्हित कर उन्हें बीज उपलब्ध कराने का कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम आयोजित कर किसानों के बीच बीज कीट का वितरण करने पर जोर दिया, जिससे अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें।
उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की समस्या ना हो इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रखंड और पंचायत स्तर पर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति किया जाए। बीज वितरण के पश्चात उसकी एक रिपोर्ट तैयार की जाए।
बीज वितरण के बाद कितने किसानों ने बीज का उपयोग किया और उसे क्या लाभ हुए। इससे संबंधित पूरे 4 महीने की रिपोर्ट तैयार एक सक्सेस स्टोरी की तरह विभाग को समर्पित किया जाये।
मंत्री ने सुखाड़ राहत योजना के तहत अधिकारियों को यथाशीघ्र लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि ऋण माफी योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी किए गए किसानों को अच्छादित किया गया है। शेष का लक्ष्य ससमय पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने बैठक में कहा कि किसान पाठशाला के लिए अपने-अपने जिले से जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेजा जाये ताकि किसान पाठशाला बनाकर किसानों को तकनीकी खेती से जोड़ा जा सके। बैठक में कृषि मंत्री के समक्ष सॉइल हेल्थ कार्ड, एग्री क्लीनिक से संबंधित प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में दुमका के उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला के साथ संथाल परगना प्रमंडल के सभी जिले के कृषि, सहकारिता और मत्स्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ एवं अन्य कर्मी भी शामिल थे।
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