एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। पतरातू प्रखंड मुख्यालय एक बार फिर भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा में बना है। मनरेगा जैसे कल्याणकारी योजनाओं में भी कमीशन खोरी जम कर लिया जा रहा है। प्रत्येक टेबल में 5 - 5% तक कमीशन निर्धारित किया गया है, जब तक कमीशन नहीं दिया जाता योजना की स्वीकृति नहीं मिलती। उक्त बातें कांग्रेस पार्टी के जिला सचिव खुशबू देवी ने कहीं।
इस संबंध में कांग्रेसी नेता व विस्थापित प्रभावित अधिकार समिति के अध्यक्ष खुशबू देवी ने कहा कि काऊ शेड के लिए मुखिया और पंचायत सचिव के द्वारा अनुमोदन किए जाने के बावजूद बीपीओ और वीडियो द्वारा बिना कमीशन के योजना स्वीकृत नहीं किया गया इसके एवज में मुझे 10 हजार रिश्वत ही देने पड़े हैं।
इस संबंध में खुशबू देवी ने कहा कि जिले के बड़े अधिकारी भी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। उप विकास आयुक्त को कई बार भ्रष्टाचार के संबंध में सूचना दी गयी मगर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की इससे साफ झलकता है, इस कमीशनखोरी में रामगढ़ के उप विकास आयुक्त भी शामिल है। मनरेगा लोकपाल से जब दूरभाष से संपर्क किया तो उन्होंने लिखित कंप्लेन की बात कही।
हालांकि मनरेगा लोकपाल के द्वारा भ्रष्टाचार के संबंध में कई बार अच्छी तरह से जांच की गयी। इस बार हम पुन: लोकपाल से निवेदन करते हैं कि प्रत्येक बिंदुओं पर जांच कर दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई करें।
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