बच्चों को जीवन सवारने के साथ आम लोगों तक सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाएं आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका : मंत्री

 

  • आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका को मानदेय बढ़ाने एवं अन्य कठिनाइयों को दूर करने के लिए सरकार कटिबद्ध 
  • मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में ईसीसीई पाठ्यक्रम के अनुसार डिजिटल लर्निंग के माध्यम से अनौपचारिक शिक्षा का उद्घाटन 
  • डीएमएफटी के तहत 62.55 करोड़ से अधिक की लागत से 173 विभिन्न योजनाओं का हुआ उद्घाटन एवं शिलान्यास 
  • आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच टैब, स्कूल किट का वितरण 
  • सखी वन स्टॉप सेंटर के सेवा प्रदाताओं को मिला नियुक्ति पत्र 

टीम एबीएन, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू दौरे पर पहुंची राज्य की महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा माझी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को बच्चों को तैयार करने की जिम्मेदारी दी गयी है। अपनी जिम्मेदारी का सही से निर्वहन करें। बच्चों के जीवन संवारने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचायें। 

बच्चों को कुपोषण से बचाव किया जा सके। इसके लिए स्थानीय लोगों को जागरूक करें। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, सर्वजन पेंशन योजना सहित राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को अच्छादित करने के कार्य में तत्परता दिखाएं। मानदेय देने एवं अन्य कठिनाइयों को दूर करने के लिए सरकार कटिबद्ध है। 

मंत्री आज स्थानीय टाउन हॉल में पलामू जिले के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में एउउए (अरली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन) पाठ्यक्रम के अनुसार डिजिटल लर्निंग के माध्यम से अनौपचारिक शिक्षा का उद्घाटन एवं प्रशिक्षण समारोह के शुभारंभ के मौके पर बोल रहीं थीं।

समारोह के दौरान डीएमएफटी के तहत 62 करोड़ 55 लाख 58 हजार 638 रुपए की लागत से 173 विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। साथ ही आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच टैब, स्कूल किट का वितरण किया। इसके अलावा पलामू जिले में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर के सेवा प्रदाताओं को नियुक्ति पत्र का वितरण किया।

मंत्री ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा पर सरकार की विशेष जोर है। साथ ही निर्धारित आयु सीमा के पूर्व उनकी शादी नहीं हो, इसके लिए भी कई प्रयास किये जा रहे हैं। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत प्रोत्साहन राशि देकर बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्रदान किया जा रहा है।

मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने पलामू उपायुक्त द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत बच्चों को विशेष रूप से सुविधा दिये जाने के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के सोच से यहां के बच्चे बेहतर करेंगे। पलामू के इस मॉडल को राज्य के अन्य जिलों में भी बढ़ाया जायेगा।

पलामू उपायुक्त आंजनेयुलू दोड्डे  ने कहा कि अधिकांशत: आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययन के लिए आते हैं। उनके लिए सरकार की ओर से टीएचआर की व्यवस्था की गई है, ताकि पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सके। 

उनकी पढ़ाई के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। पाठ्यसामग्री दी जा रही है। साथ ही आंगनवाड़ी सेविका को टैब उपलब्ध कराया गया है, ताकि बच्चों की शिक्षा को रूचिकर बनाते हुए बेहतर शिक्षा दी जा सके। उन्होंने कहा कि पलामू जिले में डीएमएफटी के तहत योजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन से जिलेवासियों को फायदा होगा।

समारोह में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। मौके पर उक्त अतिथियों के अलावा उप विकास आयुक्त रवि  आनंद, सहायक समाहर्ता श्रीकांत विसपुते, जिला परिषद उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, प्रमुख सहित अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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