टीम एबीएन, रांची। मानव शरीर में उसका मस्तिष्क सबसे अहम हिस्सा है। अगर मनुष्य के शरीर में कोई बीमारी हो जाती है, चोट लग जाती है, तो उसका समय पर और सही उपचार अत्यंत आवश्यक होता है। वर्तमान में भी चिकित्सा के ऐसे साधन हैं, जिसे अगर वक्त पर इलाज के रूप में प्रयोग किया जाये तो जीवन को बचाया जा सकता है।
यह बातें मेदांता रांची की तरफ से 6 और 7 मई को विशेष रूप से आयोजित किये गये वर्कशॉप में हिस्सा लेते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कही। इस वर्कशॉप का आयोजन कंप्रिहेंसिव न्यूरो क्रिटिकल केयर कोर्स के नाम से आयोजित किया गया था। पूर्वोत्तर भारत में कोलकाता के बाद रांची में इस तरह के वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
इस वर्कशॉप के आर्गनाइजिंग चेयरमैन सह मेदांता रांची के एसोसिएट डायरेक्टर एंड हेड क्रिटिकल केयर, डॉक्टर तापस कुमार साहू ने हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को मस्तिष्क से जुड़ी सारी बीमारियों के साथ ही ट्रामा के केस में वर्तमान में उपलब्ध इलाज की सुविधा के बारे में जानकारी दी।
साथ ही यह भी बताया गया कि इसमें और भी प्रगति होगी। डॉक्टर तापस कुमार साहू ने इस विशेष वर्कशॉप में मस्तिष्क की बीमारी से लेकर उसके इलाज करने तक की अत्याधुनिक तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आयोजन में न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो सर्जन, क्रिटिकल केयर और आपातकालीन स्थिति में इलाज करने वाले डॉक्टर उपस्थित थे।
वर्कशॉप में इस बात की विशेष जानकारी दी गई कि अगर कोई मरीज आपातकालीन स्थिति में आता है तो कैसे और किस तरीके से उसका बेहतर तरीके से उपचार किया जा सकता है ताकि उसकी जीवन की क्षति न हो। इस विशेष वर्कशॉप में मेदांता गुड़गांव, एम्स दिल्ली व एम्स भुवनेश्वर से आए हुए विशेषज्ञों ने भी वर्कशॉप के थीम से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी।
वर्कशॉप में रांची के भी कई बड़े हॉस्पिटल के विशेषज्ञ भी उपस्थित थे। आयोजन के जनरल सेक्रेट्री सह मेदांता रांची के न्यूरो एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर के कंसलटेंट डॉ मनोज कुमार और एसएनसीसी के कोर्स कोआर्डिनेटर डॉ हिमांशु प्रभाकर ने भी कई बिंदुओं पर जानकारी दी।
इस वर्कशॉप के आर्गेनाइजिंग चेयरमैन मेदांता रांची के एसोसिएट डायरेक्टर एंड हेड क्रिटिकल केयर के डॉक्टर तापस कुमार साहू थे। जबकि जनरल सेक्रेट्री न्यूरो एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर के कंसलटेंट डॉ मनोज कुमार थे। कंसलटेंट न्यूरो सर्जन डॉक्टर आनंद कुमार झा और कंसलटेंट न्यूरो फिजीशियन डॉक्टर कुमार विजय आनंद कोर्स के को-चेयरमैन थे।
डॉ हिमांशु प्रभाकर एसएनसीसी प्रेसिडेंट कोर्स के कोआॅर्डिनेटर थे। आयोजन में करीब 80 डॉक्टरों को न्यूरो और ब्रेन से जुड़ी अलग-अलग बीमारियों और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस विशेष वर्कशॉप के बारे में मेदांता रांची के हॉस्पिटल डायरेक्टर विश्वजीत कुमार ने कहा कि मेदांता रांची वक्त वक्त पर ऐसे आयोजन करते रहता है।
हमारा उद्देश्य बीमारियों के इलाज और अत्याधुनिक सुविधा के साथ लोगों को मदद कैसे पहुंचाई जा सकती है? इसके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करना होता है। मेदांता रांची आगे भी अलग-अलग विषयों पर ऐसे वर्कशॉप का आयोजन करता रहेगा।
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