टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में औचक छापेमारी की। यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (जेल) में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी छवि रंजन और प्रेम प्रकाश के खिलाफ की गयी है।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी ने छापेमारी के दौरान रंजन की गिरफ्तारी के एक दिन बाद के जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज जब्त किये हैं।
सीसीटीवी फुटेज में प्रेम प्रकाश चेहरा ढककर छवि रंजन की सेल में घुसता दिख रहा है। शाम 6.40 बजे उन्हें छवि रंजन के सेल में प्रवेश करते देखा गया और शाम 7.36 बजे छोड़ दिया गया। ईडी अब इस संबंध में जेल अधीक्षक हामिद अंसारी से पूछताछ करेगी। ईडी ने यह छापेमारी पीएमएलए कोर्ट की अनुमति के बाद की है।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसे पुख्ता जानकारी है कि जेल अधिकारियों ने छवि रंजन और प्रेम प्रकाश की मुलाकात की व्यवस्था की है ताकि वे मामले को दबाने और सबूतों को नष्ट करने की साजिश रचें।
ईडी की पूछताछ में रंजन ने इस बात से इनकार किया है कि वह प्रेम प्रकाश और अमित अग्रवाल को जानता था। ईडी ने छवि रंजन को बीते पांच मई को रांची के बरियातू स्थित सेना भूमि घोटाले और चेशायर होम भूमि घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
रांची के डीसी के रूप में छवि रंजन ने बरियातू में एक निजी जमीन के अलावा भारतीय सेना की जमीन हड़पने में भू-माफियाओं की मदद की थी। हालांकि ईडी ने प्रेम प्रकाश को पिछले साल खनन घोटाले में गिरफ्तार किया था, लेकिन वह भूमि घोटाले में भी शामिल थे।
हालांकि, छवि रंजन ने पूछताछ के दौरान इस बात से इनकार किया था कि वह कभी प्रेम प्रकाश को जानते थे। लेकिन ताजा सबूत उनके खिलाफ पुख्ता सबूत के तौर पर सामने आए हैं।
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