टीम एबीएन, रांची। गर्मी का असर बढ़ने के बाद 19 अप्रैल को समय में बदलाव किया गया था। केजी वन से पांचवीं कक्षा के लिए सुबह सात से 11 बजे तक और कक्षा छठी के ऊपर के लिए समय सुबह सात से 12 बजे तक निर्धारित किया गया था।
इसके बाद अचानक से मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया। बारिश होने लगी। इस कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गयी थी। इसके बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 25 अप्रैल को पत्र जारी कर समय में फिर से बदलाव कर दिया गया।
अब सुबह सात से दोपहर एक बजे तक विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। दोपहर एक से दो बजे तक खेलकूद कराना है। धनबाद जिले में अधिकतम तापमान 42 डिग्री पहुंच गया है। भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में लोगों ने दोपहर में घरों से निकलना कम कर दिया है।
मौसम विभाग केंद्र दिन में 11 से शाम चार बजे तक धूप से बचने की सलाह जारी कर रहे है। वहीं सरकारी विद्यालय सुबह सात से दोपहर एक बजे तक चल रहा है। कड़ी धूप में बच्चे सिर पर बैग व प्लास्टिक रखकर स्कूलों से घर जाते दिख रहे हैं। ऐसे में बच्चों के तबीयत खराब होना भी आम है।
यहीं कारण है कक्षा एक से सातवीं की वार्षिक परीक्षा चलने के बाद भी 20 से 30 प्रतिशत तक बच्चे अनुपस्थित रह रहे हैं। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। कड़ी धूप के कारण 11 बजे के बाद घरों से बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है।
ऐसे में छोटे बच्चे परीक्षा देने के बाद स्कूलों में रूक रहे हैं। दोपहर में घर लौट रहे है। राजधानी रांची में भीषण गर्मी सितम ढा रही है। आसमान से बरस रही आग से लोग परेशान हैं। दिन में गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी से आमलोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों का भी हाल बेहाल है। तपती दोपहरी में स्कूल से लौटते समय बच्चों की हालत खराब हो जा रही है। इससे अभिभावक भी परेशान हैं। गर्मी में बच्चे व बुजुर्गों को सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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