टीम एबीएन, लोहरदगा। आर्यवीर दल झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में सात दिवसीय आयोजित युवा चरित्र निर्माण शिविर के दूसरे दिन प्रात:कालीन सत्र के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षक गोपी आर्य, देव प्रकाश आर्य के नेतृत्व में सर्वांग सुंदर व्यायाम में 16 प्रकार, संगीत के साथ 12 सूर्य नमस्कार, नियुद्धम के प्रारंभिक स्तर का अभ्यास कराया गया।
साथ ही योग आसन जिनमें पद्मासन, हलासन, सेतुबंध आसन, ताड़ासन, ताड़ासन, पद्मासन, शवासन का अभ्यास प्रशिक्षुओं को कराया गया। इसके साथ इसके उपरांत वैदिक मंत्रों के साथ हवन संध्या का अनुष्ठान किया गया। बौद्धिक कक्षा के दौरान आर्य समाज के 10 नियमों की चर्चा की गई। जिसमें ईश्वर के गुण, कर्म और स्वभाव के बारे में बताया गया।
उदबोधन के दौरान अर्जुन आर्य ने कहा कि बौद्धिक कक्षा के दौरान अनुशासन का पालन कर श्रेष्ठ एवं सभ्य व्यक्ति बन सकते हैं। समाज, राष्ट्र के विकास श्रेष्ठ व्यक्तित्व से ही संभव है। जो इस शिविर में आर्यवीरों को दी जा रही है। बौद्धिक कक्षा के दौरान बड़े ही उत्साह एवं आत्मीय चेतना के साथ जुड़कर प्रशिक्षुगण प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
शिविर के आयोजन के सहभागीजन : कार्यक्रम के आयोजन में गुरुकुल शांति आश्रम के संचालक शरचचंद्र आर्य के निर्देशन में भूषण प्रसाद, संजय चंद्र यादव, आलोक आर्य, दुर्गा प्रसाद आर्यवीर, रविंद्र दत्ता, किशन आर्य, नूतन कुमार आर्य, खुशी भारती, राजवीर चौधरी, मानसी भारती, गुप्तेश्वर गुप्ता समेत शहर के समाजसेवीजन सहयोग कर रहे हैं।
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