डीएवी कपिलदेव में लगा मेगा चिकित्सा शिविर

 

टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल कडरू रांची में आज बच्चों और अभिभावकों के लिए नि:शुल्क मेगा चिकित्सा शिविर लगाया गया। इस शिविर में जेनरल फिजिशियन डॉ सुमित, यूरोलॉजिस्ट डॉ कुमार मृगांक, नेफ्रोलॉजिस्ट  डॉक्टर सात्विक सौरभ, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ विपुल, गायनोलॉजिस्ट डॉ स्वप्निल बाला और दंत चिकित्सक डॉक्टर आस्था सहाय ने भाग लिया। 

कार्यक्रम का उद्घाटन एलएमसी चेयरमैन कपिल देव गिरि ने किया। विद्यालय के प्राचार्य एमके सिन्हा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि एक पिता को सबसे ज्यादा खुशी तब होती है जब उसकी संतान उल्लेखनीय कार्य करती है और उससे भी ज्यादा बढ़ जाती है उसी प्रकार एक शिक्षक को भी सबसे ज्यादा प्रसन्नता तब होती है जब उसका शिष्य एक विशिष्ट मुकाम पर पहुंचकर समाज सेवा से जुड़ जाता है। 

श्री सिन्हा ने कहा कि यहां पर उपस्थित डॉ सुमित, डॉ कुमार मृगांक और डॉक्टर सात्विक तीनों डीएवी कपिलदेव विद्यालय के छात्र रहे हैं। यह इस विद्यालय के लिए बहुत ही गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हर दो-तीन महीने में एक बार ऐसे चिकित्सा शिविर का आयोजन बार-बार किया जाता रहेगा जिससे विद्यालय के बच्चे स्वस्थ रहें।

मौके पर जनरल फिजिशियन डॉ सुमित ने कहा कि कोविड के बदलते वायरस ने समाज में एक चुनौती पैदा कर दी है। इससे डरना नहीं चाहिए। बल्कि बच्चों को सुरक्षात्मक तरीका सिखलाना बहुत जरूरी है। केवल मास्क ही नहीं बल्कि खाने-पीने के तरीकों में सुधार और जीवनशैली में सुधार की जरूरत है। 

डॉ सुमित ने कहा कि यदि नाक से खून गिरने लगे तो बच्चे का चेहरा आगे की ओर झुका देना चाहिए और मुंह से धीरे-धीरे सांस लेने को कहना चाहिए। धीरे-धीरे खून का गिरना स्वयं बंद हो जायेगा। डॉ सुमित ने कहा कि बच्चों की डाइट पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि प्रोटीन , मिनरल्स और विटामिन का संतुलन बना रहे। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन बार-बार किए जाते रहेंगे और कुछ अन्य रोग विशेषज्ञों को भी विद्यालय में लाने का प्रयास किया जायेगा। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूरोलॉजिस्ट विशेषज्ञ डॉ कुमार मृगांक ने कहा कि नेफ्रोलॉजिस्ट दवाइयों से किडनी की बीमारी ठीक करता है जबकि यूरोलॉजिस्ट आपरेशन के माध्यम से। उन्होंने कहा कि आवश्यकता से अधिक खाने और मोटापे से बचना चाहिए।

यदि किसी के मूत्र से बदबू आने लगे तो सतर्क हो जाना चाहिए और डॉक्टर से अवश्य मिलना चाहिए यह किडनी रोग का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है। उन्होंने बच्चों को कोल्ड ड्रिंक और चिप्स जैसी चीजें न खाने का आग्रह किया क्योंकि उनमें आवश्यकता से अधिक चीनी की मात्रा होती है जो किडनी पर दबाव डालती है। 

डॉक्टर सात्विक ने कहा के धूप में खड़े रहने से बच्चों के शरीर से केवल पानी का ही ह्रास नहीं होता बल्कि नमक  भी बहुत मात्रा में निकल जाता है। इसलिए बच्चों को पानी में थोड़ा ओआरएस मिलाकर पीना चाहिए। यदि वह न दे सकें तो एक चुटकी नमक और चीनी मिला पानी पीना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि मोटापे के कारण और आवश्यकता से अधिक फास्ट फूड भोजन के कारण आज किडनी खराब हो रही हैं और किडनी रोग का पता तब तक नहीं चलता जब तक दोनों किडनियों में खराबी नहीं आ जाती इसलिए समय-समय पर उसकी जांच कराया जाना जरूरी है। 

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विपुल ने कहा कि आज बच्चों की दृष्टि कमजोर हो रही है। इसका एकमात्र कारण मोबाइल और टीवी का बहुत ज्यादा प्रयोग किया जाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जीवन शैली में बदलाव लाया जाना जरूरी है और बच्चों के लिए घर से बाहर के खेल खेलने जरूरी हैं। 

साथ ही साथ उन्हें अनुशासित जीवन जीने को भी सिखलाया जाना चाहिए। क्योंकि ये सब आदतें नहीं होने से आंखें खराब होती हैं। यदि इन सब आदतों को नहीं अपनाया गया तो भारत में लगभग सभी बच्चों की आंखों पर चश्मा होगा। कार्यक्रम को डॉक्टर एनके पांडेय ने भी संबोधित किया। 

उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई बहुत मेहनत से करनी पड़ती है और एक मुकाम हासिल होने पर लोगों से सम्मान मिलता है। शिविर में 500 लोगों ने अपना निबंधन करवाया तथा स्वयं और बच्चों की जांच करवाई सबसे ज्यादा भीड़ नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास देखी गई।

मौके पर डीएवी कपिलदेव के एलएमसी चेयरमैन श्री कपिल देव गिरि भी मौजूद थे। उक्त जानकारी डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल कडरू रांची के मीडिया प्रभारी आलोक इंद्र गुरु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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