टीम एबीएन, कोडरमा। सोवियत क्रांति के नायक ब्लादिमीर लेनिन की 153 वीं जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि देते हुए मजदूर नेता और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि लेनिन मजदूर वर्ग के विशाल हृदय में बस्ते हैं। वे हमारे शिक्षक हैं। उनके सिद्धांत आज भी हमारे साथ है।
कॉमरेड लेनिन पूरे दूनिया में सर्वहारा वर्ग के नेता हैं। मार्क्सवाद के आधार पर वे बिना शोषण व बिना वर्गीय भेदभाव के समाजवादी व्यवस्था कायम करना चाहते थे। जिसका सफल प्रयोग कर 1917 के रूसी क्रांति के बाद 30 सालों में ही किया गया।
सीटू नेता ने कहा कि क्रांतिकारी वैज्ञानिक भावना दोनों का मिलन ही मार्क्सवाद है। लेनिन ने कहा था कि ठोस परिस्थितियों का ठोस विश्लेषण के आधार पर ही वास्तविक क्रांति संभव है। चुनौतियों का मुकाबला इसी रास्ते से किया जा सकता है।
आज भाजपानीत मोदी सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों के चलते भारत की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई है। आज देश कमरतोड़ महंगाई व बेरोजगारी के गंभीर संकट से गुजर रहा है। केन्द्र सरकार के द्वारा जनविरोधी नीतियों को थोप कर देश की जनता पर लगातार हमला किया जा रहा है।
देश की तमाम सार्वजनिक क्षेत्रों बैंक, बीमा, रेल, कोयला, स्टील आदि को निजीकरण कर पूंजीपतियों के हांथो में सौंप रही है। सरकारी नौकरियां समाप्त कर नौजवानों के भविष्य को बर्बाद किया जा रहा है। मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड में बदल दिया है।
हिंदू मुस्लिम के नाम पर देश में विभाजन की राजनीति की जा रही है। जो हमारी संस्कृति, लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है। देश का भविष्य खतरे में है। कॉमरेड लेनिन की जयंती पर सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ हमें मजदूर वर्ग की व्यापक एकता और संघर्ष का संकल्प लेने की जरूरत है।
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