एबीएन सेंट्रल डेस्क। अनुमान है कि भारत जून अंत तक दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश चीन को पार कर देगा। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की विश्व जनसंख्या स्थिति 2023 रिपोर्ट बुधवार को लॉन्च की गयी। इसमें भारत की जनसंख्या 142.86 करोड़ (1.428 बिलियन) होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि चीन की 142.57 करोड़ (1.425 बिलियन)। ये अनुमान फरवरी तक संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के पास उपलब्ध विभिन्न डेटा स्रोतों पर आधारित हैं।
गौरतलब हो कि वर्ष 2021 में भारत की जो जनगणना होनी थी वह कोविड महामारी के चलते रुक गयी। अपेक्षित भारतीय जनगणना में कोविड 19 के बाद भी देरी हो रही है।
यूएनएफपीए की नवीनतम रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि जून के अंत तक वैश्विक जनसंख्या 8.045 अरब तक पहुंच जाएगी, जिसमें भारत और चीन में ही पूरी दुनिया की लगभग एक तिहाई आबादी निवास करेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक जून अंत तक भारत के अनुमानित 1.428 बिलियन लोगों में से 26 प्रतिशत 10 से 24 आयु वर्ग के होंगे, चीन के लिए यह अनुपात 18 प्रतिशत होगा। इसी तरह भारत में 65 वर्ष से अधिक की आबादी 7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, चीन के लिए यह अनुमान दोगुना यानी 14 प्रतिशत है। गौर हो कि चीन दशकों से एक बच्चे की नीति का पालन करता रहा है।
अब वह अतिरिक्त बच्चे के जन्म के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है। इस बीच, नयी दिल्ली में, सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जनसंख्या के मुद्दे पर बुधवार को आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा नहीं हुई।
हमारे पास अधिक कार्यकुशल मानव संसाधन : चीन
बीजिंग। चीन ने इस रिपोर्ट को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि उसके पास अब भी 90 करोड़ से अधिक लोगों का गुणवत्ता वाला मानव संसाधन है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि जनसंख्या लाभांश संख्या पर नहीं, गुणवत्ता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के लिए जनसंख्या महत्वपूर्ण है और प्रतिभा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या महत्वपूर्ण है लेकिन समान रूप से प्रतिभा भी महत्वपूर्ण है। हमारी जनसंख्या में हमारी लाभांश वाली प्रतिभा है। इसीलिए हमारी विकास की गति मजबूत है और प्रतिभाएं फलफूल रही हैं।
पंजाब-केरल में बुजुर्ग, यूपी बिहार में युवा अधिक
रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया, भारत की जनसांख्यिकी एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न है। केरल और पंजाब में बुजुर्ग आबादी अधिक है, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश में युवा आबादी अधिक है।
यूएनएफपीए की भारत की प्रतिनिधि और भूटान की कंट्री डायरेक्ट एंड्रिया वोज्नार ने कहा कि भारत के 1.4 अरब लोगों को 1.4 अरब अवसरों के रूप में देखा जाना चाहिए।
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