रांची। आसमान छूती पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम उपभोक्ताओं के बजट को खासा प्रभावित किया है। हर दिन बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल की कीमत का सीधा असर घरेलू सामानों से लेकर परिवहन व्यवस्था तक में पड़ा है। हर जरूरत की चीजें महंगी होती जा रही है। इन सबके बीच केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा आम उपभोक्ताओं को फिलहाल कोई राहत देने की सुगबुगाहट नहीं दिख रही है। 100 पार करने के बाद हर दिन एक नया रिकॉर्ड बना रहे पेट्रोल-डीजल के दाम में किसी तरह की रियायत देने से राज्य सरकार ने इनकार किया है। वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने पेट्रोल-डीजल पर किसी तरह के टैक्स को कम करने से इनकार करते हुए कहा है कि इसके लिए केंद्र सरकार को पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर राज्य की तुलना में केंद्र सरकार दोगुना टैक्स वसूलती है। ऐसे में ज्यादा पैसा केंद्र वसूलती है तो उसे इस दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास आय के सीमित संसाधन हैं और खर्च अधिक है। ऐसे में हम खर्चों में कटौती कैसे करेंगे। रांची में बुधवार को भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े। राजधानी रांची में पेट्रोल ₹102.41/लीटर और डीजल ₹102.19/लीटर रहा। 26 अक्टूबर की तुलना में डीजल के मूल्य में 37 पैसों की वृद्धि हुई वहीं पेट्रोल की कीमतों में 33 पैसों का इजाफा हुआ। इधर, पेट्रोल-डीजल के हर दिन बढ़ रहे मूल्य से महंगाई आसमान छू रही है। सब्जी से लेकर आम उपभोक्ता वस्तुओं के दामों में हर दिन हो रहे इजाफे से लोग परेशान हैं। इधर, डीजल के बढ़ रहे दाम ने परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। डीजल के मूल्य में लगातार हो रही वृद्धि पर बस चालक संघ ने नाराजगी जताई है। संघ के सचिव राणा बजरंगी सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार से पेट्रोल-डीजल के मूल्य को नियंत्रित करने की मांग करते हुए कहा कि सौ पार कर चुके पेट्रोल-डीजल के दाम ने बस संचालकों को बेदम कर दिया है। एक तरफ महंगाई बढ़ रही है वहीं दूसरी तरफ हर दिन डीजल के दाम बढ रहे हैं।
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