टीम एबीएन, पलामू। पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के बिसरांव जंगल में प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्म्मेलन प्रस्तुति कमिटी ने कैम्प लगाया था। कैम्प में टीएसपीसी के करीब 15 सदस्य थे और बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना तैयार की जा रही थी। सीआरपीएफ और पुलिस ने इस कैम्प को ध्वस्त कर दिया है। इस दौरान सुरक्षाबलों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ भी हुई है। मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान में सुरक्षाबलों को एक गन समेत भारी मात्रा में नक्सल सामग्री बरामद हुई है।
सीआरपीएफ 134 बटालियन के डिप्टी कमांडेंट अंशु माली और मनातू थाना प्रभारी कमलेश कुमार के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया जा रहा था। पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस इलाके में अभियान चला रही है। मौके से भारी मात्रा में नक्सल सामग्री को जब्त किया गया है। अभियान को लेकर अधिकारियों को कई निर्देश भी दिये गये हैं। सुरक्षाबलों की तरफ से करीब 70 राउंड फायरिंग हुई है।
पलामू पुलिस को सूचना मिली थी कि बिसरांव जंगल मे टीएसपीसी का दस्ता रुका हुआ है और किसी बड़ी योजना को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है। दस्ता ने इस दौरान कैम्प भी लगाया था। इसी सूचना के आलोक में सीआरपीएफ के 134 बटालियन और पुलिस ने सर्च अभियान शुरू किया था। सुरक्षाबल की टीम जैसे ही मौके पर पंहुची नक्सलियों के संतरी ने फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों का कैम्प पहाड़ी पर चल रहा था। पुलिस के अनुसार मौके पर टीएसपीसी के टॉप कमांडर शशिकांत और आक्रमण के नेतृत्व में कैम्प लगाया गया था।
नक्सलियों के दस्ते में 15 के करीब सदस्य मौजूद थे। दस्ते के पास एके 47, इंसास समेत कई आधुनिक हथियार भी मौजूद थे। जिस इलाके में यह दस्ता रुका हुआ था वह इलाका चतरा के कुंदा सीमा से सटा हुआ है। सुरक्षाबल और टीएसपीसी के बीच उस इलाके में आधा दर्जन से अधिक बार मुठभेड़ हुई है। यह इलाका टीएसपीसी का सुरक्षित ठिकाना रहा है।
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