डॉ अशोक नाग ने सीएम से की करम नदी को पुनर्जीवित करने की मांग

 

टीम एबीएन, रांची। शहर के समाजसेवी सह पर्यावरणविद् डॉ अशोक कुमार नाग (9835114732) ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि शहर का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं अपने राज्य के मुखिया को नगर निगम रांची के अनैतिक कार्य के सम्बन्ध में यह पत्र आपको लिख कर जानकारी दे रहा हूं।

उन्होंने सीएम से अपने स्तर पर इसकी छानबीन कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांगें निम्नवत है : 

  1. करमटोली तालाब से होकर पूर्व दिशा की ओर, सबसे निचले इलाके से होकर करम नदी बहती थी जिसमें शहर के अधिकांश इलाके लालपुर, मोराबादी, बरियातु, कोकर का भी पानी निकलकर डिस्टलरी पुल, भगवान बिरसा मुण्डा की समाधि स्थल के रास्ते स्वर्णरेखा नदी में मिलता था।
  2. करम नदी के कारण ही रांची शहर के अधिकांश आबादी के घरों में भूगर्भ जलस्तर ऊंचा रहता था और बहुत सारे कुओं में तो गर्मी में भी लवालव पानी भरा रहता था और पूरी रांची को पानी की समस्या से नहीं जूझना पड़ता था।
  3. बरसात के समय करम नदी के रास्ते पूरे शहर का पानी डिस्टलरी पुल होता हुआ, स्वर्णरेखा नदी में मिलता था और घनघोर बारिश के आधे घंटे बाद ही रांची शहर में कहीं जलजमाव नहीं होता था।
  4. रांची शहर के लिए डिस्टलरी पुल और करम नदी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता था क्योंकि भूगर्भ जल करम नदी के कारण और पूरी रांची में बाढ़ की समस्या कभी नहीं हुई, क्योंकि बरसात का अधिकांश पानी करम नदी के संग मिलकर डिस्टलरी पुल होता हुआ स्वर्णरेखा नदी में मिल जाता था।
  5. महाशय, यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि भगवान बिरसा मुण्डा की समाधि स्थल, कोकर
    डिस्टलरी पुल के पास ही क्यों है? भगवान बिरसा मुण्डा की असहज विवादास्पद मौत रांची जेल में हुई तो अंग्रेजों ने उनके शव को डिस्टलरी पुल के पास फेंक दिया, जहां पानी
    जलप्रपात के रूप में बहता था, अंग्रेजों को लगा कि बिरसा की मौत की खबर से शहर में दंगा नहीं फैलेगा और उनका शव डिस्टलरी पुल से होता हुआ पानी के बहाव के साथ स्वर्णरेखा नदी में मिल जायेगा।
  6. महाशय, डिस्टलरी पुल, करम नदी अपने प्रवाह में आराम से बहती रही जबतक की रांची नगर निगम के पदाधिकारियों और भू-माफिया की कुदृष्टि डिस्टलरी पुल और करम नदी के प्रवाह के रास्ते में नहीं पड़ी।
  7. भू-माफियाओं और नगर निगम के अधिकारियों ने करम नदी को ही विलुप्त करने की ठानी और डिस्टलरी पुल को ही पाट दिया और वहां करम नदी के रास्ते को घेरकर पार्क और
    डिस्टलरी मार्केट का निर्माण करा दिया। भारत ही नहीं विश्व में यह प्रथम घटना होगी जहां जीवित नदी के रास्ते को वहीं के नगर निगम ने घेरकर पार्क व दुकान बना दिया है, जो आज भी बरसात में पूरा डूब जाता है, क्योंकि पानी निकासी का वही एकमात्र निचला इलाका है।
    8रांची नगर निगम के इस कुकृत्य के कारण रांची के लगभग 7-8 लाख लोगों के यहां भूगर्भ जलस्तर बिल्कुल नीचे चला गया है और रांची शहर में बरसात में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जा रही है और पानी निकासी की समस्या से शहर जूझ रहा है।
  8. महाशय, विडम्बना यह है कि रांची नगर निगम के सरकारी बेवसाईट में रांची मास्टर प्लान 2037 का उल्लेख है जिसमें पानी निकासी के रास्ते दिखाये गये हैं (संलग्न-1) जो जमीन खाता नं0, प्लॉट नं0 के रूप में उल्लेखित है। रांची नगर निगम अपने रांची मास्टर प्लान 2037 के तहत जिस भूमि को वाटर वॉडी बनाता है उसी में पार्क और दुकान का निर्माण कैसे कराता है? यह समझ से परे हैं?

इन सब बातों को ध्यान में रखकर मैं माननीय मुख्यमंत्री महोदय से आग्रह करता हूं कि
अवलिम्ब करम नदी को करमटोली तालाब से होकर डिस्टलरी पुल तक अतिक्रमण मुक्त करायें और नदी के रास्ते में नगर निगम द्वारा बनाये गये अवैध पार्क व दुकानों को अविलम्ब तोड़ा जाए और करम नदी को पुनर्जीवित किया जाये।

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