एबीएन सेंट्रल डेस्क। मकर संक्रांति के पर्व के साथ ही तमिलनाडु में जल्लीकट्टू का आयोजन भी शुरू हो गया है। इसे लेकर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। बता दें कि पोंगल से लेकर अगले 4 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में रविवार को मदुरै के अवानियापुरम इलाके में करीब 60 लोग घायल हो गये। इनमें से 20 गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें राजाजी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मदुरै के जिला कलेक्टर अनीश शेखर ने बताया कि सामान्य रूप से घायल लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। आयोजन के दौरान अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है।
जिला कलेक्टर ने पालामेडु इलाके में जल्लीकट्टू के आयोजन पर बताया कि सभी जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं। जगह-जगह बैरीकेड लगाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल्लीकट्टू के आयोजन के दौरान बैल और खेल में भाग लेने वाले सभी लोग सुरक्षित रहें। साथ ही दर्शकों की सुरक्षा का भी ख्याल रखा गया है। विभिन्न जगहों पर करीब 2000 पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं।
जिला कलेक्टर ने बताया कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि किसी को चोट ना लगे लेकिन अगर कोई घायल हो जाता है तो उसके इलाज के पूरे इंतजाम किये गये हैं। अनीश शेखर ने बताया कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि सबकुछ आराम से संपन्न हो जाये।
बता दें कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में खेला जाने वाला पारंपरिक खेल है, जिसमें बैलों की इंसानों से लड़ाई होती है। जल्लूकट्टू को तमिलनाडु के गौरव और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। हालांकि इस आयोजन के दौरान कई बार लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए दिशा-निर्देश जारी किये थे। हालांकि सभी इंतजामों के बावजूद काफी लोग जल्लीकट्टू के दौरान घायल हो जाते हैं।
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