एबीएन सेंट्रल डेस्क। वॉलमार्ट इंक और फोनपे के सभी शेयरधारकों को करीब 1 अरब डॉलर का कर चुकाना होगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने फोनपे के मुख्यालय का स्थानांतरण भारत में कर दिया है जिसके कारण यह कर चुकाना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, फोनपे प्री-मनी वैल्यूएशन के आधार पर जनरल अटलांटिक, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और अन्य से 12 अरब डॉलर की धन राशि जुटा रही है, जिसके कारण भारी शुल्क लग रहा है।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिनटेक फर्म का दिसंबर 2020 में अंतिम बार मूल्यांकन किया गया था, उस समय इसका मूल्यांकन 5.5 अरब डॉलर के करीब था।
टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट सहित कई निवेशक भारत में नई कीमत पर फोनपे के शेयरों को खरीद चुके हैं, जिसके कारण कंपनी को करीब 80 अरब रुपये की कर देनदारी बन रही है। फोनपे, वॉलमार्ट और टाइगर ग्लोबल ने रॉयटर्स द्वारा टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया है।
वॉलमार्ट ने पिछले महीने कहा था कि वह भारतीय ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट के साथ फोनपे की साझेदारी को समाप्त करेगी। हालांकि कंपनी ने कहा कि वह इसके साथ ही दोनों कंपनियों में बहुलांश शेयरधारिता बरकरार रखेगी।
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