टीम एबीएन, कोडरमा/ झुमरीतिलैया। आमतौर पर लोगों की सुविधा के लिए सरकार सभी सेवाएं ऑनलाइन कर रही है। सरकार दावा करती है कि ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से लोगों को सहूलियत मिल रही है और लोगों का घर बैठे काम हो रहा है लेकिन इसके विपरीत ठगी का शिकार हुआ एक युवक को ऑनलाइन एफआईआर के चक्कर में करीब 5 महीने का समय बीत गया, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ।
इसके बाद तिलैया थाना क्षेत्र के ताराटांड़ में एक 24 वर्षीय युवक के साथ करीब 5 महीने पहले 11 लाख 41 हजार रुपए की हुई ठगी की घटना को लेकर तिलैया थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। दरअसल 24 जुलाई को घटना के वक्त पीड़ित युवक द्वारा ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की गयी थी। लेकिन लंबे समय बाद भी ऑनलाइन एफआईआर के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर युवक ने घटना को लेकर तिलैया थाना में लिखित शिकायत की। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज हुई है।
साइबर ठगी का शिकार हुआ युवक प्रतीक छाबड़ा ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा एवं एक्सिस बैंक में उसका बैंक अकाउंट है। वह इन बैंक अकाउंट से नेट बैंकिंग चलाना सीख रहा था। इस दौरान 12 जुलाई को उसे एक अनजान मोबाइल नंबर 8100016296 से एक कॉल आया एवं कॉल करने वाले ने बताया कि वह एसबीआई योनो कार्यालय मुंबई से बोल रहा है। कॉल करने वाले ने उसे अपने विश्वास में लेते हुए व्हाट्सएप पर एक लिंक भेज कर एक ऐप डाउनलोड कराया और बैंक से लिंक मोबाइल नंबर को अगले दो दिनों तक के लिए बंद करवा दिया।
इसके बाद 13 जुलाई की रात जब उन्होंने अपने मोबाइल को ऑन करके देखा तो दोनों बैंक के अकाउंट से लाखों रुपए के अवैध निकासी की मैसेज प्राप्त हुआ। इसमें बैंक ऑफ बड़ौदा खाता से 13 जुलाई को एक बार 2 लाख 81 हज़ार, दो लाख एवं 5 लाख 23 रुपये एवं एक्सिस बैंक के अकाउंट से 1 लाख 60 हजार रुपए की अवैध निकासी साइबर अपराधियों ने कर लिया। कार्रवाई नहीं होने पर अब उन्होंने तिलैया थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई है। ठगी का शिकार हुआ युवक का परिवार दवा के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
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