टीम एबीएन, बड़कागांव (हजारीबाग)। झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना बनी किसान व भीएलई का परेशान योजना। क्योंकि झारखंड सरकार द्वारा आनन-फानन में पहले झारखंड राज्य फसल राहत योजना के नाम से किसानों का रजिस्ट्रेशन 15 सितंबर तक करवाया गया। उसके बाद उन्हीं किसानों का केवाईसी करवाया गया। तत्पश्चात पुण: बिना पुख्ता तैयारी के मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना का एक वेबसाइट तैयार कर फिर से मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना में नए एवं पुराने किसानों का रजिस्ट्रेशन करवा कर टोकन कटवाने को कहा गया।
किसानों ने बताया कि एक ही कार्य के लिए किसानों को बार-बार प्रज्ञा केंद्र का चक्कर लगाना पड़ रहा है। साथ ही प्रज्ञा केंद्र संचालक को भी एक ही कार्य को बार-बार करना पड़ रहा है। क्योंकि नए वेबसाइट को जल्दबाजी में लाया गया है जिसके कारण सर्वर ठीक से काम भी नहीं कर रहा है। जो कार्य 5 मिनट में संपन्न हो सकता है उसके लिए घंटों समय लग रहा है। कभी-कभी तो दिन दिन भर में भी नहीं हो पा रहा जिसके चलते किसान दर्जनों बार प्रज्ञा केंद्र का चक्कर लगा लगा कर थक जा रहे हैं एवं प्रज्ञा केंद्र संचालक भी परेशान हो रहे हैं। इसका असर रवि फसल बुवाई पर पढ़ रहा है। क्योंकि किसान अपनी खेती बारी छोड़कर प्रज्ञा केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। प्रज्ञा केंद्र पहुंचने पर पता चलता है कि सरवर कभी आता है कभी जाता है या फिर पूर्ण रूप से फेल मिलता है।
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