टीम एबीएन, हजारीबाग। घर-परिवार के बेहतरी के लिए जब कोई बेरोजगार रोजगार की तलाश में परदेस जाता है तो अपनों के बीच एक आस जगती है कि उनका भविष्य स्वर्णिम होगा। परिवार के लोग दूर रहकर भी भविष्य को बेहतर बनाने के सपने मन में संजोकर तसल्ली कर लेते हैं। लेकिन जब कोई प्रवासी मजदूर की कहीं दूर प्रदेश से अचानक मौत की खबर आती है तो परिवार जनों का कलेजा फट सा जाता है। घर में क्रंदन और चीत्कार से माहौल गमगीन हो जाता है। बच्चों के सर से पिता का साया उठ जाता है तो बेवा की मांग की सिंदूर उजड़ जाती है। जीते जी किसी मां- बाप के लिए उनका संसार उजड़ जाता है। दोस्त- परिजन और परिचित के लिए महज एक एक विडंबना बन कर हमेशा के लिए अतीत बन जाती है।
ऐसा ही कुछ हुआ सदर विधानसभा क्षेत्र के कटकमसांडी प्रखंड स्थित ग्राम पंचायत शाहपुर निवासी प्रवासी मजदूर अनिल भुइयां के साथ। अनिल भुइयां महज 30 वर्ष के थे और घर परिवार के बेहतरी के लिए रोजगार हेतु मजदूरी का काम करने हैदराबाद गए थे। यहां वे एक बिल्डर के यहां भवन निर्माण के कार्य में मजदूरी का काम करते थे। काम करने के दौरान उनके साथ एक दुर्घटना हो गई और इलेक्ट्रिक शॉक के वजह से उनकी मृत्यु हो गई।
उनके निधन के बाद उनके साथ काम करने वाले मित्रों ने जरूरतमंद प्रवासी मजदूरों के लिए काम करने वाली संस्था झारखंडी एकता संघ से संपर्क साधा। जिसके बाद संस्था के अधिकारियों और स्थानीय सदस्यों ने संबंधित बिल्डर से बात कर उन पर मुआवजा का दबाव बनाया और मृतक के परिजनों को 6 लाख रुपये का मुआवजा दिलाया।
मुआवजा दिलाने और शव को लाने में झारखंडी एकता संघ, मुंबई के राष्ट्रिय अध्यक्ष असलम अंसारी, विनोद प्रसाद, मुस्तकीम, सुनील कुमार और हैदराबाद के सदस्य जीत यादव, विकास यादव, मनोज कुमार सहित अन्य लोगों ने सराहनीय योगदान निभाया। शव को हवाई मार्ग से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट लाया गया।
झारखंडी एकता संघ मुंबई के असलम अंसारी और सुनील कुमार ने इनके शव को रांची से इनके घर शाहपुर तक पहुंचाने हेतु हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल से आग्रह किया। विधायक मनीष जायसवाल ने संवेदनशीलता दिखाई और तत्काल एंबुलेंस और तेल का इंतजाम कर रांची एयरपोर्ट से शव को शाहपुर पहुंचवाया। शव के शाहपुर पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में मातम छा गया।
मृतक के परिवार में उनके माता- पिता, दो भाई और पत्नी सहित दो मासूम बच्चे हैं। बेहतर भविष्य के सपने के साथ आगे बढ़ रहा एक और परिवार टूट कर बिखर गया। एक ओर प्रवासी मजदूर की मौत ने क्षेत्र के अन्य परिवार जिनके बच्चे उनसे दूर रहकर रोजगार के लिए मशक्कत कर रहें हैं उनके लिए चिंता बढ़ा दी। प्रवासी मजदूर के मौत पर सरकारी और प्रशासनिक स्तर से उदासीनता एक गंभीर और चिंतनीय विषय है। परिवार जनों ने झारखंडी एकता संघ और सदर विधायक मनीष जायसवाल के प्रति आभार जताया और धन्यवाद दिया।
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