एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास पूरी क्षमताओं वाला एक अंतरिक्ष स्टेशन है जिसका नाम तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन है। यह नासा के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (एसएसएस) का प्रतिस्पर्धी होगा। चीन इस पर काफी सालों से काम कर रहा था। अब कोई भी इंसान चीन के तियांगोंग में भी रह सकता है। वहीं अब अपना स्पेस स्टेशन बनाने के बाद चीन की अमेरिका और रूस जैसी दुनिया की दो शीर्ष अंतरिक्ष शक्तियों के बीच मजबूत उपस्थिति होगी।
एक समय में चीन के छह अंतरिक्ष यात्री एकसाथ : पिछले महीने चीन ने तीन अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष भेजा था जो घंटें में अपने गंतव्य तक पहुंच गये थे, इसके बाद से शेंजू मिशन को काफी सफल माना जा रहा था। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष में गये तीन अंतरिक्ष यात्री वहां पहले से मौजूद दल की जगह लेंगे, जिसने स्टेशन के निर्माण में मदद की है। ऐसा पहली बार था जब चीन के छह अंतरिक्ष यात्री एक ही समय में अंतरिक्ष में थे।
तियांगोंग पूरी तरह से चीन द्वारा निर्मित और संचालित है : वहीं इस मिशन के सफल होने के साथ ही, चीन अपना स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन चलाने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है। बता दें कि तियांगोंग मंदारिन भाषा का शब्द है जिसका मतलब स्वर्ग का महल होता है। अमेरिक के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के विपरीत, तियांगोंग पूरी तरह से चीन द्वारा निर्मित और संचालित है। हालांकि रूस का स्पेस स्टेशन कई देशों के साथ मिलकर बनाई गई परियोजना है।
पाकिस्तान इस परियोजना में साथ आ सकता है : तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन के तैयार हो जाने पर यह पाकिस्तान जैसे चीन के करीबी सहयोगियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए भी उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके तैयार हो जाने पर चीन एकमात्र देश होगा जिसके पास अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) कई देशों की सामूहिक परियोजना है।
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