पटना पुस्तक मेला के बोधगया सभागार में टोक्यो ओलंपिक पुस्तक का विमोचन

 

  • पटना पुस्तक मेला में छाये रहे खेल और खिलाड़ी
  • बिहार राज्य में खेल प्रतिभाओं की खान : समीर महासेठ

टीम एबीएन, पटना। पटना पुस्तक मेला के बोधगया सभागार में लेखक, कवि और मोटिवेटर दिलीप कुमार की नई पुस्तक टोक्यो ओलंपिक के खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियां का लोकार्पण बिहार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और खेल प्रशासक रणजीत कुमार सिंह, भारतीय फुटबॉल टीम की कप्तान एस. आशा लता देवी, कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली खिलाड़ी कृति राज सिंह, दोहा एशियाड में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम के सदस्य राजीव कुमार सिंह ने किया। 

उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए प्रभात प्रकाशन के प्रबंध निदेशक पीयूष कुमार ने कहा कि दिलीप कुमार की पुस्तक टोक्यो ओलंपिक के खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियां का प्रकाशन उनके लिए सुखद अनुभव रहा। वास्तव में यह मोटिवेशन की एक पुस्तक है। लोकार्पण समारोह में बिहार सरकार के उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि पटना पुस्तक मेला की समृद्ध विरासत है। विगत कई वर्षों से लग रहे इस मेले की साहित्यिक जगत में विशेष पहचान बन चुकी है।
इस ऐतिहासिक पुस्तक मेला में दिलीप कुमार की पुस्तक टोक्यो ओलंपिक के खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियां का विमोचन हर्ष की बात है। 

समीर कुमार महासेठ ने कहा कि ओलंपिक खेलों का महाकुंभ है। प्रत्येक खिलाड़ी की चाहत होती है कि वह ओलंपिक में हिस्सा लें और पदक जीते। 1896 में आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत यूनान से हुई। तीन बार विश्व युद्ध के कारण ओलंपिक खेल नहीं हुए। 2020 का ओलंपिक कोविड-19 के कारण खतरे में पड़ गया था, लेकिन बाद में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जापान ने कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए टोक्यो ओलंपिक का आयोजन किया जो अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा। 

उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और अनेक मेडल प्राप्त किए। दिलीप कुमार ने अपनी पुस्तक टोक्यो ओलंपिक में मेडल पाने वाले सभी खिलाड़ियों की उपलब्धियों और उनकी संघर्ष की कहानियों को शामिल किया है। टोक्यो ओलंपिक में भारत को 7 मेडल मिले, जिसमें नीरज चोपड़ा द्वारा जैवलिन थ्रो में जीता गया स्वर्ण पदक भी शामिल है। मीराबाई चानू, रवि दहिया, पीवी सिंधु, लवलीना बोरगेहौन, बजरंग पुनिया और भारतीय हॉकी टीम ने भी मेडल जीते। महिला हॉकी टीम मेडल जीतने से तो चूक गई, लेकिन शानदार खेल दिखाया। दिलीप कुमार ने इस पुस्तक में इन सभी पदक विजेताओं के संघर्ष को दर्ज किया है। उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि जीवन में खेलों का बहुत महत्व है। खेल हमें संघर्ष कराना और जीत-हार को समान भाव से स्वीकार करना सिखाते हैं। खेलों से भाईचारा बढ़ता है, बंधुत्व बढ़ता है। खेलने से हमें शारीरिक फिटनेस तो प्राप्त होती ही है, सोचने-समझने की क्षमता काफी विस्तार होता है। स्वामी विवेकानंद ने भी गीता पढ़ने के साथ-साथ फुटबॉल खेलने की सलाह दी थी। खेलों पर खूब लिखा जाना चाहिए खेल के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को पढ़ना चाहिए और खेलना चाहिए। स्वस्थ समाज के लिए खेलकूद जरूरी है। उद्योग मंत्री ने कामना की की बिहार में भी खेलकूद का बेहतर वातावरण बने। उन्होंने कहा कि बिहार के लाल ईशान किशन ने अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच में 200 रनों की शानदार पारी खेलकर साबित किया कि बिहारी खेलों में भी भारी हैं। अवसर मिलने की देर है। बिहारी हर क्षेत्र में चौका-छक्का लगा सकते हैं। प्रशासनिक अधिकारी और खेल प्रशासक डॉ रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में खेलकूद का माहौल बनाने के लिए आधारभूत संरचनाओं के विकास के साथ-साथ खेलकूद के संबंध में चर्चा-परिचर्चा और लेखन भी जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी राजीव कुमार सिंह ने कहा कि सफलता के लिए कठिन श्रम और सतत प्रयास की आवश्यकता होती है। पावर लिफ्टिंग की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कृति राज सिंह ने बिहार में खेल और खिलाड़ियों के लिए अधिक सुविधाओं की उपलब्धता पर बल दिया। भारतीय महिला फुटबॉल टीम की कप्तान आशा लता देवी ने कहा कि खूब मेहनत करने पर ही खेल के क्षेत्र में सफलता हाथ लगती है। कार्यक्रम का संचालन किसलय किशोर ने किया।

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