एबीएन सेंट्रल डेस्क। आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा बैठक का आज यानी बुधवार को अंतिम दिन है। तीन दिवसीय इस मीटिंग की शुरुआत 5 दिसंबर यानी सोमवार से हुई थी। इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस साल 4 बार ब्याज दरों में इजाफा कर चुका है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, आरबीआई महंगाई में नरमी के संकेतों के बावजूद ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है। ऐसा होने पर लोगों को झटका लग सकता है। बैठक को लेकर जानकारों का कहना है कि इस बार आरबीआई ब्याज दरों में 0.25 से 0.35 फीसदी का इजाफा कर सकता है। लोगों को बुधवार को आरबीआई के घोषणा का इंतजार है।
बता दें कि रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई (आरबीआई) बैंकों को लोन देता है। वहीं रिवर्स रेपो रेट वो दर होती है, जिस पर बैंकों को आरबीआई रुपए रखने के लिए इंटरेस्ट देता है। अगर रेपो रेट गिरती है तो लोन की ब्याज दर में गिरावट होती है और अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है तो लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है और ईएमआई (ईएमआई) बढ़ जाती है।
आरबीआई ने इस साल 4 मई को रेपो रेट में 0.4 फीसदी, 8 जून को 0.5 फीसदी, 5 अगस्त को 0.5 प्रतिशत और 30 सितंबर को 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। बता दें कि रेपो रेट में बढ़ोतरी होने पर इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ता है। रेपो रेट का असर कर्ज की ब्याज दरों पर होगा और इससे ईएमआई में इजाफा हो जाएगा। रेपो रेट और आपकी ईएमआई आपस में जुड़े हुए हैं। आरबीआई जैसे ही रेपो रेट में बढ़ोतरी करता है, बैंक लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर देते हैं और आपकी ईएमआई बढ़ जाती है। आरबीआई मौद्रिक नीति को तय करने के लिए सीपीआई (सीपीआई) यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर पर गौर करता है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मौद्रिक समीक्षा बैठक 5 दिसंबर 2022 यानी सोमवार से शुरू हुई थी। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा आज यानी 7 दिसंबर को की जाएगी। इस बार ब्याज दरों को लेकर कयास लगाए जा रहे है कि इसमें बढ़ोतरी की जा सकती है। मई से लेकर सितंबर महीने तक आरबीआई के रेपो रेट में 1.90 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है।
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