टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 3 दिसंबर 2022 को पूर्वाह्न 9:30 बजे नेताजी एकेडमी उच्च विद्यालय होचर, कांके, रांची, परिसर में मोक्षदा एकादशी के पावन दिवस पर गीता जयंती मनाया गया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह विहिप के प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु इत्यादि ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण के पूजन अर्चन कर शुभारंभ किया।
इस अवसर पर देवी सिंह ने कहा कि जब धर्म और अधर्म के बीच के युद्ध में अर्जुन ने युद्ध स्थल पर हथियार डाल दिए थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीगीता जी का उपदेश देते हुए कहा था संसार में मानव का सबसे बड़ा धर्म राष्ट्र धर्म है। उन्होंने कहा व्यक्तिगत जीवन में मानसिंह धर्मात्मा हो सकता है परंतु महाराणा प्रताप जैसे देशभक्त के कार्य में विघ्न डालते हुए अधर्म कार्य किया था जिसके कारण आज भी वह समाज में उपेक्षित है।
उन्होंने कहा मानव जीवन में धर्म पल-पल बदलता है। धर्म का अर्थ कर्तव्य होता है। इस अर्थ में मानव जीवन में पितृ धर्म, मातृ धर्म, स्त्री धर्म, पुत्र धर्म, पुत्री धर्म, छात्र धर्म, शिक्षक धर्म, गुरु धर्म जैसे जीवन में अनेक धर्म आते हैं, जिसका मानव निष्ठापूर्वक पालन करते हुए अपने जीवन को पूर्ण करता है। उन्होंने कहा भगवान श्री कृष्ण अपने भक्तों के रक्षा सदैव करते हैं चाहे द्रोपदी हो, चाहे अर्जुन।
राष्ट्रीय स्वाभिमान के शौर्य गाथा का प्रतीक है गीता जयंती : डॉ बिरेन्द्र साहू
प्रांत मंत्री डॉ साहू ने कहा मानव इतिहास में सबसे उत्कृष्ट ज्ञान और अलौकिक शक्ति संपन्न पुरुषार्थ का नाम है श्री कृष्ण। भारतीय जनमानस के लिए गीता जयंती का अनुपम महत्व है। श्रीगीता जी के द्वारा मानव को यथार्थ में जीने की कला बताई गई है। उन्होंने कहा वर्तमान समय में गीता जयंती का विशेष महत्व हिंदू समाज के शौर्य गाथा से जुड़ा है। 1528 में जिहादी आक्रांताओं के द्वारा अयोध्या में स्थित भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम का अलौकिक मंदिर को क्षति पहुंचाकर ढांचा का रूप देने का दुस्साहस किया गया था। इस पावन मंदिर को पुन: प्राप्त करने हेतु हिंदू समाज ने 76 संघर्ष करते हुए लगभग साढे चार लाख हिंदुओं ने बलिदान किए हैं। 1992 में गीता जयंती के पावन दिवस को लगभग 464 वर्ष तक रहे हिंदू समाज का माथे के कलंक रूपी ढांचा को भारतीय हिंदू समाज ने समाप्त कर दिया, इसलिए हम संपूर्ण हिंदू समाज गीता जयंती को स्वाभिमान के शौर्य गाथा का प्रतीक रूप में भी मनाते हैं। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान पुरुषोत्तम श्रीरामजी का अलौकिक, उत्कृष्ट एवं अनुपम भव्य मंदिर निर्माण हो रहा है,जो संसार के समस्त सनातनी हिंदू समाज के सांस्कृतिक अवधारणा एवं जीवन मूल्यों को प्रतिष्ठापित करते हुए आराधना एवं चिंतन का केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर शिव प्रसाद साहू, उर्मिला केरकेट्टा, राकेशचंद्र झा, सुजीत उपाध्याय, मनीष साहू, सुनीता कश्यप, अनु देवी, राम किशोर साहू, विजय उरांव, दीपक साहू, रिंकी कुजुर, सुनीता मुंडा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी विहिप के झारखंड प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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