टीम एबीएन, इचाक (हजारीबाग)। हिंसा से ग्रसित महिला, किशोरी, विकलांग, ट्रांसजेंडर, महिला मजदूर की गरिमा को बनाये रखने के लिए महिला मुक्ति संस्था के द्वारा महिलाओं पर हो रहे हिंसा के खिलाफ 16 दिवसीय अभियान की शुरुआत विभिन्न हितधारकों के साथ गोवरबंदा पंचायत से शुरू की गयी। इस अवसर पर मैत्री नेटवर्क की जिला को-आॅर्डिनेटर ज्योत्स्ना वर्मा ने कहा कि समाज में आज धारणा बनी हुई है कि महिला हिंसा का मतलब प्रत्यक्ष रूप से सामने दिखने वाली हिंसा ही महिला हिंसा है, जबकि इस धारणा से बाहर निकलकर लोगों को देखने की जरुरत है, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ उनके पहनावे, रहन-सहन, आने-जाने पर ताने कसे जाते हैं जिससे महिलाऐं मानसिक से रूप से ग्रसित होती हैं ये भी हिंसा है।
इस 16 दिवसीय अभियान के दौरान हमलोग उन हिंसा से ग्रसित महिला, किशोरी, ट्रांसजेंडर, महिला कर्मी, मजदूर की गरिमा को बनाये रखने के लिए उनके साथ हो रहे भेदभाव को मिटाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं। आज की कार्यशाला में विभिन्न पंचायत के हितधारक उपमुखिया-साज्मा खातून, वार्ड-सदस्य- लीलावती देवी, इशरत प्रवीन, सहित आसपास की महिला समूह की नेतृत्वकारी महिला नेतृत्वकारी किशोरी लड़कियां एवं महिला मुक्ति संस्था से लीला कुमारी, मोना कुमारी, अनीता देवी, शांता सांगा, काजल कुमारी, प्रियंका कुमारी, मनोज कुमार अकेला ने पीडिता की गरिमा को बनाये रखने के लिए चर्चा में भागीदारी निभायी।
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