एबीएन सेंट्रल डेस्क। टाटा समूह ने मार्च 2024 तक एयर इंडिया और विस्तारा एयरलाइंस के विलय का फैसला किया है। समूह ने इसी साल एअर इंडिया का अधिग्रहण पूरा किया था। विस्तारा एयरलाइंस टाटा समूह के सह-स्वामित्व वाली कंपनी है। सिंगापुर एयरलाइंस ने एक बयान में कहा कि उसने और टाटा संस ने विस्तारा को अब एयर इंडिया में मिलाने का फैसला किया है। विस्तारा के विलय के बाद एयर इंडिया देश की सबसे बड़ी फुल कैरियर एयरलाइंस होगी, जो देश के साथ दुनियाभर में अपनी सेवाएं देगी।
18,000 करोड़ में खरीदी एयर इंडिया
एयर इंडिया के अधिग्रहण का सौदा 18,000 करोड़ रुपये में पूरा हुआ था। जनवरी 2022 में ये सौदा पूरा हो सका। टाटा ने एयर इंडिया के लिए जो दाम चुकाया, उसमें एयर इंडिया पर बकाया कुल ऋण का 15,300 करोड़ रुपये भी शामिल था। एयर इंडिया के टाटा समूह के पास जाने को ‘होम कमिंग’ की तरह देखा गया; क्योंकि साल 1932 में एयर इंडिया की शुरुआत टाटा ग्रुप ने ही की थी। जेआरडी टाटा ने पहले इंडियन एयरलाइंस के रूप में इसकी नींव रखी। बाद में इसका नाम एयर इंडिया कर दिया गया।
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