एबीएन सोशल डेस्क। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की पंच पूजाओं के तीसरे दिन वेद पुस्तकों का वाचन बंद कर दिया गया। शीतकाल हेतु श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शनिवार 19 नवंबर को दोपहर 3:35 पर बंद हो रहे हैं।
कपाट बंद होने की प्रक्रियाओं के अंतर्गत 15 नवंबर बुधवार को श्रीगणेश के कपाट शीतकाल हेतु बंद हुए। 16 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद हुए।
गुरुवार को खडक/पुस्तक की पूजा के बाद वेद पुस्तकों का वाचन बंद कर दिया गया है। आज से वेद ऋचाओं का उदघोष बंद हो जायेगा। मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया कि शुक्रवार 18 नवंबर को माता लक्ष्मी जी की पूजा एवं आवह्वान किया जायेगा, 19नवंबर को माता लक्ष्मी के गर्भगृह में प्रवेश के बाद श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हो जायेंगे।
गुरुवार को खडक/पुस्तक पूजन एवं अन्य धार्मिक क्रियाओं के दौरान बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सदस्य भाष्कर डिमरी, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह के अलावा धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रवींद्र भट्ट, उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, राजेंद्र सेमवाल, डॉ हरीश गौड़ सहित राकेश झिंक्वाण, संजय थपलियाल, प्रकाश भुजवाण, विकास सनवाल अनूप उनियाल, नरेंद्र सिंह नेगी जयदीप पंवार आदि मौजूद रहे।
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