एबीएन सोशल डेस्क। 19वीं पशुधन संगणना में पिछली संगणना वर्ष 2007 की तुलना में पशुधन जनसंख्या में समग्र रूप से 3.33% की गिरावट दिखाई देती है। यद्यपि कुछ राज्यों जैसे गुजरात (15.36%), उत्तर प्रदेश (14.01%), असम (10.77%), पंजाब (9.57%), बिहार (8.56%), सिक्किम (7.96), मेघालय (7.41%) तथा छतीसगढ़ (4.34%) की कुल पशुधन संख्या बढ़ी हुई पाई गयी। दुधारू पशुओं (दूध देने वाले और दूध न देने वाले), गायें और भैंसे 6.75% की वृद्धि के साथ 111.09 मिलियन से बढ़कर 118.59 मिलियन हो गये हैं। दूध देने वाले पशुओं की संख्?या 4.51% की वृद्धि दशार्ती हुई 77.04 मिलियन से बढ़कर 80.52 मिलियन हो गई है। पिछली संगणना (2007) के मुकाबले मादा गोपशु (गायों) की जनसंख्या में 6.52% की वृद्धि हुई है तथा 2012 में मादा गोपशु की कुल संख्या 122.9 मिलियन है। मादा भैंसों की जनसंख्या में भी पिछली संगणना से 7.99% की वृद्धि हुई है तथा वर्ष 2012 में मादा भैंसों की कुल संख्या 92.5 मिलियन है। इसके अलावा, विदशी/संकर दुधारू गोपशु की संख्या 34.78% की वृद्धि दर्शाते हुए 14.4 मिलियन से बढ़कर 19.42 मिलियन हो गई है जहां देशी दुधारू गोपशु की संख्या 0.17% की वृद्धि के साथ 48.04 मिलियन से बढ़कर 48.12 मिलियन हो गई है। दुधारू भैंसों की संख्या पिछली संगणना के मुकाबले 4.95% की वृद्धि के साथ 48.64 मिलियन से बढ़कर 51.05 मिलियन हो गई है। कुक्कुट क्षेत्र ने भी पिछली संगणना की तुलना में 12.39% की अच्छी वृद्धि दिखाई है तथा वर्ष 2012 में देश में कुल कुक्कट की संख्या 729.2 मिलियन थी।
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