एबीएन हेल्थ डेस्क। डेंगू एक बार नहीं बल्कि चार बार होता है लेकिन जिन्हें दूसरी बार डेंगू होता है उनका जोखिम बढ़ जाता है। अगर एक बार डेंगू हो गया तो दूसरी बार के स्ट्रेन से बचने का प्रयास करना चाहिए, वरना जान का खतरा बढ़ जाता है। कई लोगों को काफी दिनों बाद डेंगू का बुखार दूसरी बार आता है लेकिन दूसरी बार में बचाव पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं क्योंकि इस दौरान हड्डियां कमजोर हो जाती है। दोबारा कैसे होता है डेंगू : डेंगू एक ऐसा वायरस है जो एक व्यक्ति को दोबारा भी इंफेक्ट कर सकता है। ऐसा जरूरी नहीं है कि जिन लोगों को एक बार डेंगू हो गया है उन्हें दोबारा नहीं हो सकता है। डेंगू के मच्छर एडीज इजिप्टी के काटने पर किसी भी व्यक्ति को डेंगू दोबारा भी हो सकता है, इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए वरना ये जानलेवा बन सकता है। एक बार डेंगू वायरस से ठीक होने के कुछ समय बाद शरीर में डेंगू के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता तैयार होती है,इसलिए इसका बचाव बहुत जरूरी है। डॉक्टर कहते हैं कि एक बार के बाद जब दोबारा डेंगू का इंफेक्शन होता है तो वो ज्यादा खतरनाक साबित होता है। इस दौरान 150 हजार से 450 तक प्लेटलेट होना आवश्यक है लक्षण : तेज बुखार आना, शरीर, हाथ पैर और सिर में दर्द, मांसपेशियों में, हड्डियों में दर्द होना, अकड़न और उल्टी का मन होना, बीपी लो हो जाना, धीरे-धीरे कई बार बेहोशी आ जाना, प्लेटलेट्स का गिर जाना, शरीर में खून का चलना धीमा होना। कैसे करें बचाव : तरल पदार्थों का सेवन करें, पपीता, खट्टा फल खायें, जिस जगह ज्यादा गंदगी या मच्छर है वहां से दूर रहें, दवाएं, मच्छर की नेट लगायें, कुलर और किसी ठंडी हवा से बचें, कहीं भी पानी जमा न रखें, खिड़की दरवाजे बंद रखें और बाहर जाने से पहले कवर करें।
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