टीम एबीएन, रांची। एक तरफ राज्य में बालू की किल्लत से कई योजनाएं ठप पड़ी थी, जब एनजीटी के रोक हटने के बाद काम शुरू हुआ तो उसके बाद भी सिंचाई विभाग के महत्वपूर्ण टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद संवेदक को कार्यादेश नहीं दिया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि आॅफिस में बाबुओं को बिना चढ़ावे संवेदक को कार्यादेश देना मुश्किल है। लघु सिंचाई विभाग से कांके ब्लॉक में पोटपोटो नाला पर चेक डैम निर्माण कार्य, नामकुम ब्लॉक में तकरा नाला पर चेक डैम और नामकुम ब्लॉक में रुरुंग कोचा नाला पर चेक डैम निर्माण के काम का टेंडर की सारी प्रक्रियाएं पूरी होने और एल 1 संवेदक के चयन होने के बावजूद विभाग के द्वारा कार्य प्रारंभ करने की दिशा में संवेदक को वर्क आॅर्डर नहीं दिया जा रहा है। नियम के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के एक महीने के भीतर काम शुरू हो जाना चाहिए, लेकिन 5 महीनों के बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है। अगर इन चेक डैमों का निर्माण हो जाता है तो, योजना का लाभ सीधे किसानों को मिल सकेगा। सूत्र बताते हैं कि यह योजना भी राज्य में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जायेगा, क्योंकि बिना आॅफिस में मोटा चढ़ावा चढ़ाए बिना संवेदक को कार्यादेश मिलना मुश्किल है, विभाग जानबूझकर योजना को लटकाए हुए है, ताकि संवेदक अपनी सिक्योरिटी वापस ले लें और फिर से सारी प्रक्रिया की जाए, जिसमें विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को फिर से कमाने का मौका मिल सके।
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