एबीएन सेंट्रल डेस्क। नामकोम ब्लॉक के उलूहातु में स्थित माइनर बेसिलिका, प्रज्ञा का सिंहासन तीर्थस्थल लॉक डाउन के बाद फिर से श्रृद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। 500 से अधिक संत जोन्स स्कूल रांची के छात्र छात्राएं प्रार्थना करने के लिए प्रज्ञा का सिंहासन तीर्थस्थल पर पहुंचे। बरगवां के माता-पिता भी तीर्थस्थल पर प्रार्थना करने आये। छात्र-छात्राओं ने तीर्थस्थल से कुछ दूर स्थित माता मरियम के गोरोटो से जुलूस में रोजरी करते हुए तीर्थस्थल परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद फा प्रफुल, उलूहातु पारिस के पल्ली पुरोहित ने छात्र छात्राओं के लिए मिस्सा बलिदान अर्पित किया। मिस्सा के शुरूआत में फा विनोद ने अपने परिचय में परिश के लोगों के लिए, सभी छात्र छात्राओं, शिक्षकों के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया कि सभी एक उदाहरण का जीवन जिए जिससे लोग देख कर कहें कि हम सच्चे ख्रीस्तीय हैं। फा प्रफुल ने अपने उपदेश में बाइबिल के वचन धार्मिकता की खोज में लगे रहों बाकी चीजें यों ही मिल जायगी पर जोर देते हुए कहा कि हम बाकि चीजों पर लगे रहते हैं लकिन ईश्वर के लिए हमारे पास समय नहीं है। आज जरूरत है कि हम अपना जीवन प्रभु के कथनों के अनुसार जीयें। इस तीर्थयात्रा की अगुवाई और आयोजन फा विनोद और फा रोशन ने की। मौके पर स्कूल के शिक्षक शिक्षिकायें भी मौजूद थे। अंत में फा विनोद ने छात्र छात्राओं के तीर्थयात्रा को सफल बनाने के लिए पल्ली पुरोहित फा प्रफुल को धन्यवाद दिया और फिर से तीर्थयात्रा पर आने के वादे के साथ सभी ने विदा लिया।
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