एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार करार (एफटीए) को लेकर वार्ता अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। एक अधिकारी ने कहा कि एफटीए से दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक संबंधों को प्रोत्साहन मिलेगा। जीसीसी खाड़ी क्षेत्र में छह देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन का संघ है। अधिकारी ने कहा, समझौते की शर्तें तय हो चुकी हैं। हमें वार्ता अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। भारत इस साल मई में पहले ही यूएई के साथ मुक्त व्यापार करार लागू कर चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीसीसी क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और मुक्त व्यापार करार से भारत को इस बाजार में निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट, बेंगलुरु के निदेशक राकेश मोहन जोशी ने कहा कि घरेलू निर्यातकों ने अभी तक जीसीसी बाजार का दोहन नहीं किया है। इस बाजार में व्यापक संभावनाएं हैं। जोशी ने कहा, जीसीसी आयात पर निर्भर क्षेत्र है। हम वहां खाने-पीने के सामान, कपड़ों और अन्य वस्तुओं का निर्यात बढ़ा सकते हैं। व्यापार करार के तहत शुल्क रियायतों से ऐसे बाजार के दोहन में मदद मिलेगी। यह दोनों पक्षों के लिए ही लाभ की स्थिति है। टेक्नो-क्राफ्ट इंडस्ट्रीज के संस्थापक चेयरमैन शरद कुमार सर्राफ ने कहा कि जीसीसी भारत के लिए प्रमुख व्यापार भागीदार है। दोनों क्षेत्रों के बीच निवेश बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। एफटीए से दोनों पक्षों को फायदा होगा। इसी तरह की राय जताते हुए निर्यातकों के प्रमुख संगठन फियो के वाइस चेयरमैन खालिद खान ने कहा कि इस समझौते से रसायन, कपड़ा, रत्न एवं आभूषण और चमड़ा क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा।
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