टीम एबीएन, रांची। झारखंड के 22 जिलों के 226 प्रखंडों को राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित किया है। इन प्रखंडों के प्रभावित 30 लाख किसान परिवारों को सूखा राहत राशि के रूप में सरकार 35-3500 रुपये देगी। यह फैसला शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में सुखाड़ को लेकर कृषि विभाग की ओर से तैयार प्रतिवेदन पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। सीएम ने कहा है कि सूखाग्रस्त 226 प्रखंडों में प्रति किसान परिवार तत्काल राहत के लिए 3500 रुपए दिए जायेंगे। यह राशि हर प्रभावित किसान परिवारों को देने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लगभग 30 लाख से अधिक किसान परिवार सूखे की चपेट में हैं, जिन्हें इसका लाभ मिलेगा। सूखा राहत राशि देने पर राज्य सरकार 1200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा 22 जिलों (पूर्वी सिंहभूम एवं सिमडेगा छोड़कर) के 226 प्रखंडों के प्रभावित किसान परिवारों को बड़ी राहत देने के लिए की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग के आकलन प्रतिवेदन के अनुसार 22 जिलों के 226 प्रखंड सूखे की चपेट में है। ऐसे में राज्य सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि प्रभावित किसान परिवारों को तत्काल सूखा राहत राशि उपलब्ध कराई जाये। बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता, कृषि मंत्री बादल, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह आदि शामिल हुए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में 22 जिलों के 226 प्रखंडो को सुखाड़ प्रभावित घोषित करने का निर्णय लिया गया। इन प्रखंडों के प्रभावित किसान परिवारों को रु 3500 प्रति परिवार की अग्रिम राहत राशि राज्य सरकार देगी।
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