टीम एबीएन, हजारीबाग। खाजा चौक स्थित शहर के जाने-माने घड़ी दुकान दिल्ली वाच के संचालक अमरेश कुमार राणा धनतेरस के दिन जालसाजी के शिकार होने से बाल-बाल बच गये। जानकारी देते हुए घटना के सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि धनतेरस को लेकर वे अपनी दुकान में व्यस्त थे। इसी दौरान देर शाम को उनके मोबाइल पर 6262551003 नंबर से एक फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम विकाश कुमार, मेरु स्थित बीएसएफ कैंप का स्टाफ बताया। उसने कहा कि मुझे अजंता कंपनी का डीजल घड़ी 1560 रुपये वाली 20 पीस और एक दीवाल घड़ी 1060 वाली 10 पीस चाहिए। उन्हें अपने कैंप में कर्मचारियों के बीच दिवाली पर गिफ्ट बांटना है। मैंने उन्हें हां कर दी और मेरी दुकान पर एक स्टाफ भेजने को कहा। इसपर फोन करने वाले उक्त व्यक्ति ने कहा कि व्यस्त होने के कारण वो कैंप छोड़कर नहीं आ सकता इसलिए वो पैसे देने के लिए मुझसे मेरा बैंक अकाउंट मांगा। जिसे मैंने देने से इंकार कर दिया। मैंने उससे कहा कि आप फोन पे कर दो और मैंने अपना फोन पे नंबर दे दिया। उसने टेस्टिंग के तौर पर उसमें एक रुपये डाले जो मेरे फोन पे पर आ गया। कुछ देर बार उसने मुझे पुनः फोन किया और कहा कि मुझे आप 10,000/- रुपये मेरे फोन पे अकाउंट पर डालो मैं आपको 20,000/- रुपये वापस डाल दूंगा। जब मैंने मना किया तो वो जिद करने लगा। मैं जब उसके जिद के आगे नहीं झूका तो उसने धमकी के लहजे में कहा कि आपने एक आर्मी वाले का एक रुपया ले लिया है। आप मुझे 10,000/- भेजो नहीं तो आरबीआई के नॉर्म्स के अनुसार आपकी अकाउंट फ्रीज कर दी जायेगी। अमरेश ने कहा कि मैंने उसे अकाउंट फ्रीज करने को कह दिया लेकिन पैसे नहीं दिये। उसने बताया कि अभी कुछ दिन पहले ही बिजली विभाग के अधिकारी बनकर उनके एक मित्र से 50,000/- की ठगी कर ली गयी थी जो उनके जेहन में था। इसलिए वो बच गये। लोगों से ऐसे साइबर ठगो से बचने की नसीहत दी।
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