एबीएन सेंट्रल डेस्क। संवत् 2079 कार्तिक अमावस्या 25 अक्टूबर 2022 मंगलवार को खंडग्रास ग्रस्तास्त सूर्यग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर पूरे देश में देखा जा सकेगा। दीपावली के अगले दिन हो रहा यह सूर्यग्रहण स्वाति नक्षत्र और तुला राशि में होगा। ग्रहण कालगणना के केंद्र उज्जैन के समयानुसार सायं 4 बजकर 41 मिनट पर प्रारंभ होगा। ग्रहण का मध्यकाल सायं 5 बजकर 38 मिनट रहेगा तथा ग्रहण का पूर्ण मोक्ष सायं 6 बजकर 29 मिनट पर होगा। किंतु चूंकियह ग्रस्तास्त ग्रहण है अर्थात् सूर्यास्त के बाद भी चलेगा। इसलिए इसकी कुल अवधि सूर्यास्त तक अर्थात् सायं 5 बजकर 53 मिनट तक ही मानी जायेगी। इस प्रकार 5.53 पर सूर्यास्त तक ही ग्रहण का पर्वकाल रहेगा जो 1 घंटा 12 मिनट रहेगा। सूर्यग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले अर्थात् सूर्योदय पूर्व प्रात: 4 बजकर 41 मिनट से प्रारंभ हो जायेगा। इस बार अमावस्या का मेल दो दिन होने के कारण दीपावली एक दिन पूर्व अर्थात् 24 अक्टूबर को ही मना ली जायेगी, इसलिए दीपावली पूजन में ग्रहण बाधक नहीं बनेगा। इससे पूर्व 27 साल पहले 24 अक्टूबर 1995 को दीपावली के दिन सूर्यग्रहण आया था।
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