जेडआरएस ने कृषकों को दिया प्रशिक्षण, बीज भी बांटे

 

टीम एबीएन, पलामू/रांची। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र (जेडआरएस), चियांकी के निक्रा परियोजना के अंतर्गत गढ़वा जिले के चिरौंजिया एवं सरेह गांव के कृषकों को आज प्रशिक्षण किया गया। जेडआरएस सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों के बीच बीज का भी वितरण किया गया। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डीएन सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान गेहूं, चना तीसी एवं सरसों की वैज्ञानिक खेती के बारे में कृषकों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार ने कृषकों को चना और तीसी की खेती की तकनीकी पहलुओं के बारे में बताया कि कैसे कम पानी में खेती कर अच्छे उत्पादन ले सकते हैं। निक्रा परियोजना के सहायक अभिषेक पटेल ने गेहूं के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गेहूं के खेत में कब-कब पानी देना चाहिए। बीज वितरण कार्यक्रम में गेहूं के प्रभेद डीबीडब्लू, जिसे करण बंदना के नाम से जाना जाता है, दिया गया। मुख्य वैज्ञानिक ने बताया कि यह गेहूं पूरे देश में सबसे ज्यादा उत्पादन देने वाला प्रभेद है। यह प्रति हेक्टेयर 60 से 75 क्विंटल उत्पादन देता है। इसके साथ-साथ चना में पूसा-3043 बीज का वितरण किया गया, जो 15 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन देता है। यह पलामू एवं गढ़वा जिले के लिए ज्यादा उपयुक्त है। इसके साथ-साथ तीसी का प्रियम प्रभेद तथा सरसों का शिवानी प्रभेद कृषकों के बीच दिया गया। प्रशिक्षण एवं बीज वितरण के समय संस्थान के अजय ठाकुर, रामचंद्र महतो, मुकेश कुमार, श्रवण यादव उपस्थित थे। वहीं चिरौंजिया गांव के प्रगतिशील किसान रामजी, महावीर, संगीता देवी, विमला देवी, कुंता देवी, रमेश राम एवं सरेह गांव के कुलदीप महतो, श्याम कुमार, बृजलाल, विकेश महतो आदि उपस्थित थे।

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