एबीएन बिजनेस डेस्क। त्योहारों के मौसम में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने से परिवहन ईंधन की मांग भी बढ़ी है जिसकी वजह से अक्टूबर के पहले पखवाड़े में भारत में ईंधन की बिक्री भी अधिक रही। पेट्रोलियम उद्योग के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की बिक्री सालाना आधार पर 22-26 प्रतिशत बढ़ी। 1-15 अक्टूबर के बीच पेट्रोल की बिक्री 22.7 फीसदी बढ़कर 12.8 लाख टन हो गई जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 10.5 लाख टन रही थी। वहीं कोविड महामारी से बुरी तरह प्रभावित अक्टूबर 2020 की तुलना में बिक्री 31 प्रतिशत अधिक रही है। इसके अलावा मासिक आधार पर भी बिक्री में वृद्धि हुई है। सितंबर 2022 के पहले पंद्रह दिन की तुलना में अक्टूबर के पहले पखवाड़े में ईंधन मांग 1.3 प्रतिशत अधिक रही है। देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ईंधन डीजल की बिक्री अक्टूबर 2022 के दौरान अब तक करीब 27 प्रतिशत बढ़कर 30.8 लाख टन रही है। वहीं 1-15 अक्टूबर 2020 की तुलना में डीजल बिक्री 16 प्रतिशत अधिक रही है। मांग मासिक आधार पर 6.9 फीसदी बढ़ी है। पेट्रोलियम उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि देश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बारिश का मौसम खत्म हो जाने और कृषि गतिविधियों में तेजी आने से डीजल की मांग को समर्थन मिला। इसके अलावा त्योहारों का मौसम करीब आने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने से भी ईंधन की मांग बढ़ी। इसके पहले जुलाई और अगस्त के महीनों में मानसून के सक्रिय रहने से मांग कम रही और पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई थी। हवाई परिवहन गतिविधियों के जोर पकड़ने से विमान ईंधन (एटीएफ) की मांग भी एक साल पहले की तुलना में एक से 15 अक्टूबर के बीच 22.1 प्रतिशत उछलकर 264,00 टन हो गई। एक से 15 अक्टूबर 2020 की तुलना में यह वृद्धि 64 प्रतिशत रही है। इसी तरह रसोई गैस के रूप में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की बिक्री भी एक से 15 अक्टूबर के बीच सालाना आधार पर 9.94 प्रतिशत बढ़कर 12.2 लाख टन हो गई। एक से 15 अक्टूबर 2020 की तुलना में एलपीजी की बिक्री 5.3 प्रतिशत बढ़ी है।
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