टीम एबीएन, रांची। पिछले विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को हराने वाले पूर्व मंत्री सरयू राय की भाजपा में वापसी की चर्चा तेज है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में उनकी लगातार उपस्थिति और दो दिन पूर्व विंध्याचल में संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण सरयू राय ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा सीट से चुनाव हराया था। सरयू राय ने हाल ही में जमशेदपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम में भी उपस्थिति दर्ज कराई थी। इस दौरान जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी उपस्थित थे। कुछ दिनों पूर्व उन्होंने संताल परगना के दौरे के क्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के साथ भी लंबी चर्चा की थी। इन हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि उनकी भाजपा में वापसी हो सकती है। हालांकि सरयू राय अभी ऐसी संभावना से इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वैचारिक तौर पर जिनसे नाता रहा है, उनसे मुलाकात को स्वाभाविक तौर पर लेना चाहिए। संघ, विद्यार्थी परिषद और भाजपा में लंबे समय तक सक्रियता के कारण विभिन्न नेताओं से उनके करीबी संबंध हैं और मुलाकात के दौरान विविध मुद्दों को चर्चा भी होती रहती है। वहीं भाजपा के एक वरीय नेता के मुताबिक ऐसे फैसले केंद्रीय नेतृत्व के परामर्श से होते हैं। फिलहाल इसपर कुछ बोला नहीं जा सकता। सरयू राय बिहार में प्रारंभिक शिक्षा के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आए। बक्सर में अपने स्कूल में लगने वाली शाखा में मुख्य शिक्षक का दायित्व निभाया। वर्ष 1973 में संघ के छपरा जिला के प्रचारक रहे। 1974 के बिहार आंदोलन के क्रम में वे विद्यार्थी परिषद से जुड़े और छात्र आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। इस बीच आपातकाल घोषित हो गया। आपातकाल समाप्त होने के बाद संघ के पटना जिला के बौद्धिक प्रमुख का दायित्व निभाया। इसके बाद संघ की ओर से उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में कार्य करने का निर्देश दिया गया। वे 1977 में जनता युवा मोर्चा, बिहार के संगठन मंत्री बने। सरयू राय 1980 से 1984 तक बिहार प्रदेश जनता पार्टी के महामंत्री रहे। 1993 में बिहार प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री, प्रवक्ता और वनांचल प्रभारी का दायित्व निभाया। पहली बार उन्होंने 2005 में जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से बतौर भाजपा प्रत्याशी चुनाव जीतने में कामयाबी हासिल की। 2009 में इसी सीट से वे चुनाव हार गए। 2014 में फिर उन्होंने जीत दर्ज किया। वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी अपनी परंपरागत जमशेदपुर पश्चिम सीट को छोड़कर जमशेदपुर पूर्वी सीट से चुनाव लड़ा और तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को पराजित किया। सरयू राय का बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से करीबी रिश्ता है। दोनों छात्र आंदोलन से साथ रहे हैं। जब सरयू राय ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ चुनाव लड़ने का निर्णय किया तो नीतीश कुमार ने उनका समर्थन किया था। चारा घोटाले को उजागर करने का श्रेय सरयू राय को जाता है, इसके बावजूद राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से उनके बेहतर संबंध हैं। लालू ने भी उन्हें चुनाव में खुलकर सहयोग किया था।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse