लूटे अमेरिकी हथियारों का जखीरा पाकिस्तान भेज रहा तालिबान, बढ़ेगी भारत की टेंशन !

 

एबीएन डेस्क। अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान अरबों रुपए के अमेरिकी युद्धक साजो-सामानअपने आका तक पाकिस्तान को पहुचाने में जुट गया है। अमेरिका ने अफगान आर्मी को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया था, जो अब तालिबानियों के हाथ लग गए हैं। तालिबान इन हथियारों को पाकिस्तान सप्लाई कर रहा है जो भारत के लिए बड़े खतरे की घंटी हो सकती है। द मिरर ने इस हफ्ते खुलासा किया कि कैसे अमेरिका अफगानिस्तान में अरबों पाउंड के हथियार और उपकरण छोड़कर गया है, जिसका अधिकांश हिस्सा अब तालिबान के हाथों में है और तालिबान इसे अब पाकिस्तान को बेच रहा है। तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से दुनिया की नजर अफगानिस्तान पर है। ऐसे में तालिबान द्वारा पाकिस्तान को अमेरिकी हथियार सप्लाई करना भारत समेत दूसरे पड़ोसी देशों के लिए भी अच्छे संकेत नहीं है। देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों का मानना है कि लूटा गया अमेरिकी हथियारों का जखीरा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के पाले हुए आतंकी संगठन पहले पाकिस्तान में हिंसा फैलाने के लिए करेंगे फिर उनका रुख भारत की तरफ हो सकता। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने कहा कि ये हथियार भारत में संचालित आतंकवादी समूहों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन सुरक्षा बल उनसे निपटने को पूरी तरह तैयार है। द मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान नेटवर्क द्वारा अफगानिस्तान से लाखों पाउंड मूल्य के चुराए गए अमेरिकी सैन्य हार्डवेयर का निर्यात किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की ISI ने गुप्त रूप से अमेरिकी सैन्य वाहनों के खुले तौर पर आयात को हरी झंडी दे दी है।अमेरिकी सेना के Humvees और अन्य बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों को अफगानिस्तान से पाकिस्तान ले जाते हुए देखा गया। एक काफिले की तस्वीरों से पता चला कि सैन्य ट्रकों को पाकिस्तान में क्वेटा सिटी में शिफ्ट किया जा रहा था, जिसे लंबे समय से अफगान-तालिबान नेतृत्व का मुख्यालय माना जाता था। सूत्रों के अनुसार अमेरिका द्वारा अफगान सेना को दिए बहुत सारे युद्धक साजो-सामान तालिबान के हाथ लग गए हैं और इन्हीं सबको अब तालिबान निर्यात कर रहा है। पाकिस्तान में फ्रंटियर सिटी क्वेटा, कंधार से तीन घंटे की दूरी पर है। ये आतंकवादी समूहों और नशीली दवाओं विशेष रूप से हेरोइन के व्यापार के लिए एक आश्रय स्थल है। रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान के क्वेटा में तालिबानी पहले भी पनाह लेते रहे हैं। तालिबान को खाड़ी के दानदाताओं का अधिकांश पैसा क्वेटा के माध्यम से सप्लाई होता रहा है। घायल तालिबान लड़ाकों को इलाज के लिए यहीं लाया जाता रहा है। एक आकलन के मुताबिक अमेरिकी फौज ने अफगानी फौज को 6.5 लाख छोटे हथियार दिए थे जिनमें एम-16 और एम-4 असॉल्ट राइफलें भी शामिल हैं। तालिबान ने अफगानी फौज से भारी मात्रा में संचार यंत्र भी लूट लिए हैं। इसके साथ ही, बुलेटप्रुफ औजार, अंधेरे में देख पाने में सक्षम चश्मे और स्निपर राइफलें भी तालिबानी आतंकियों के हाथ लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि ये सारे चीजें पाकिस्तानी आर्मी के हाथ लग सकती है।

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