टीम एबीएन, चरही (हजारीबाग)। चरही कोयलांचल क्षेत्र के चरही, तापीन साउथ, तापीन, प्रेमनगर, जरबा और चुरचू सहित अन्य क्षेत्रों में दुर्गा पूजा धूमधाम और विधि-विधान के साथ संपन्न किया गया। नौ दिनों तक उपरोक्त क्षेत्र भक्ति के सागर में डूबा रहा। लगातार भजन-कीर्तन होता रहा। अंतिम दिन महानवमी को भगवती दुर्गा की नवम स्वरूप माता सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना मंत्रोच्चाण के साथ किया गया। महाआरती के बाद हवन कर पूजा को समापन किया गया। श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति ने विजयदशमी के दिन मेला और रावण दहन का कार्यक्रम किया। रावण दहन का कार्यक्रम चरही प्रेम नगर और जरबा में किया गया। इसके पूर्व माता के दर्शन और पूजा अर्चना के लिए दूरदराज के गांव से श्रद्धालुगण पहुंचे और दर्शन करने के उपरांत मेले का लुत्फ उठाया।शाम को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाओं को वाहन में विधिवत सजाकर जय माता दी कर जय-जयकार करते हुए शोभायात्रा निकाली गई। विभिन्न मार्ग से गुजरने के बाद जलाशयों में ले जाया गया। जहां पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने नम आंखों से माता की भावभीनी विदाई देते हुए जल में प्रवाहित किया गया। पूजा को सफल बनाने में श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति चरही के संरक्षक लालचंद महतो, अध्यक्ष मुरारी सिंह, उमेश कुमार सिंह, लखराज सिंह कार्यकारी अध्यक्ष भुनेश्वर ठाकुर, उपाध्यक्ष रमेश करमाली, जीतू ठाकुर, निर्मल महतो, सचिव वासुदेव करमाली, सह सचिव ओम कुमार सिन्हा, विनोद प्रसाद महतो, विश्वनाथ महतो, गुलाब सिन्हा, किशुन महतो, कोषाध्यक्ष सत्येंद्र नारायण सिंह, अनिरुद्ध प्रकाश शर्मा, रोहन ठाकुर, ललन शर्मा, विजय कुमार महतो, पुजारी, अजीत कुमार सिंह आचार्य उपेंद्र कुमार शास्त्री दिन-रात लगे रहे।
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